Ghonghat Shayari: 100+ Best Ghoonghat Shayari in Hindi

Ghonghat Shayari ऐसी शायरियों को कहा जाता है, जिनमें घूंघट, शर्म, खूबसूरती, प्यार और भावनाओं को खूबसूरत शब्दों में बयां किया जाता है। घूंघट भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक खास हिस्सा रहा है, इसलिए इससे जुड़ी शायरियों में प्रेम, आकर्षण और सादगी का अनोखा एहसास देखने को मिलता है।

इस लेख में आपको Love, Romantic, 2 Line, Short, Sad और Bridal Ghonghat Shayari का खूबसूरत संग्रह मिलेगा। आप अपनी पसंद की Shayari को आसानी से WhatsApp Status, Instagram Caption या Facebook Post के रूप में कॉपी करके इस्तेमाल कर सकते हैं।

Ghoonghat Shayari in Hindi

घूंघट में छुपा चेहरा भी कमाल लगता है,
जब प्यार हो सच्चा तो हर पल खास लगता है।

घूंघट की ओट में जब वो मुस्कुराती है,
दिल की धड़कन खुद-ब-खुद बढ़ जाती है।

घूंघट में सिमटी उसकी सादगी प्यारी है,
उसकी एक झलक ही दिल पर भारी है।

घूंघट उठे तो चांद भी शर्मा जाए,
उसकी खूबसूरती देख हर कोई ठहर जाए।

घूंघट में उसका शर्माना अच्छा लगता है,
यूँ प्यार से नजरें झुकाना अच्छा लगता है।

लाल घूंघट में वो दुल्हन बनी बैठी है,
जैसे चांदनी रात में चांदनी सजी बैठी है।

घूंघट की ओट से जब नजरें मिलती हैं,
दिल में मोहब्बत की हजारों कलियाँ खिलती हैं।

उसके घूंघट में छुपा है प्यार का राज,
एक झलक के लिए दिल है आज भी बेताब।

घूंघट उसका शृंगार बन गया,
मेरी जिंदगी का प्यार बन गया।

घूंघट में उसका चेहरा जब नजर आया,
लगा जैसे किस्मत ने मुझे अपना बनाया।

घूंघट की लाज में उसकी खूबसूरती निखरती है,
उसकी हर अदा दिल में उतरती है।

घूंघट थोड़ा सा सरका तो दिल हार गए,
उसकी मासूमियत पर हम अपना दिल वार गए।

घूंघट में छुपी वो दुल्हन बड़ी प्यारी लगे,
उसकी मुस्कान हर खुशी से न्यारी लगे।

घूंघट के पीछे जब चेहरा मुस्कुराता है,
मेरा दिल बस उसी का हो जाता है।

घूंघट में सजी वो जब सामने आई,
मेरी दुनिया में जैसे बहार छाई।

घूंघट की ओट में शर्माती हुई वो,
मेरे दिल की धड़कन बन जाती है वो।

घूंघट में उसकी सादगी का नूर है,
उसके बिना ये दिल कितना मजबूर है।

घूंघट में छुपी आंखों का क्या कहना,
उन आंखों से ही सीख लिया हमने प्यार करना।

घूंघट और पायल की प्यारी सी झंकार,
दुल्हन के रूप में लगती है वो बेहद शानदार।

घूंघट उठते ही दिल ने यही कहा,
यही है वो जिसे मैंने उम्रभर के लिए चाहा।

Ghoonghat Uthane Par Shayari

घूंघट उठाकर जब उसने चेहरा दिखाया,
मैंने उसी पल उसे अपना जीवनसाथी बनाया।

घूंघट उठाया तो चांद भी शर्मा गया,
उसका चेहरा देखा तो दिल मुस्कुरा गया।

घूंघट उठते ही नजरें ठहर गईं,
उसकी खूबसूरती में धड़कनें बिखर गईं।

जब घूंघट उठाकर उसने चेहरा दिखाया,
लगा जैसे खुद चांद जमीं पर उतर आया।

घूंघट उठा तो नज़ारा कमाल हो गया,
एक ही पल में दिल उसका गुलाम हो गया।

घूंघट उठाने की वो पहली अदा याद है,
आज भी उस पल से दिल को मोहब्बत बेहिसाब है।

घूंघट के पीछे छुपा था जो हसीन चेहरा,
सामने आया तो दिल ने कहा—यही है मेरा सवेरा।

घूंघट उठा और नजरें मिल गईं,
उस एक पल में सारी खुशियां मिल गईं।

उसके घूंघट उठाने का अंदाज निराला था,
चेहरा देखा तो लगा चांद भी फीका पड़ने वाला था।

घूंघट उठते ही उसकी आंखों से प्यार झलक गया,
मेरा दिल उसी पल उसका होकर रह गया।

जब उसने धीरे से घूंघट उठाया,
मेरी आंखों ने अपना सबसे खूबसूरत ख्वाब पाया।

घूंघट उठा तो चेहरे पर नूर था,
उस पल मुझे खुद पर भी गुरूर था।

घूंघट की ओट से निकला उसका हसीन चेहरा,
जैसे रात के बाद चमकता हुआ सवेरा।

घूंघट उठाया उसने शर्माते हुए,
दिल जीत लिया बस मुस्कुराते हुए।

घूंघट उठा तो दिल ने धड़कना तेज कर दिया,
उसकी एक नजर ने मुझे उसका कर दिया।

उस दिन घूंघट उठा तो राज खुल गया,
मेरे दिल को उसका हमराज मिल गया।

घूंघट उठते ही चेहरे की चमक छा गई,
मेरी जिंदगी में जैसे नई सुबह आ गई।

घूंघट उठाकर जब उसने नजरें झुकाईं,
उस पल मेरी सारी दुनिया मुस्कुराई।

घूंघट उठाने की वो रस्म भी प्यारी थी,
क्योंकि सामने बैठी मेरी जिंदगी की रानी थी।

घूंघट उठा और दिल को करार आ गया,
उसकी एक झलक में सारा प्यार आ गया।

Ghoonghat Mein Chehra Shayari

घूंघट में छुपा उसका चेहरा कमाल लगता है,
वो जितना छुपे, उतना ही बेमिसाल लगता है।

घूंघट की ओट में चेहरा उसका प्यारा लगता है,
जैसे बादलों में छुपा चांद सितारा लगता है।

घूंघट में उसका चेहरा जब नजर आता है,
दिल बिना कहे ही उसे अपना मान जाता है।

घूंघट में छुपा चेहरा जब मुस्कुराता है,
मेरी धड़कनों को अपना पता मिल जाता है।

घूंघट में उसका चेहरा ऐसा नूर लिए है,
जैसे चांद ने भी आज उसका रूप लिए है।

घूंघट की ओट में वो चेहरा शर्माता है,
मेरी आंखों को बस वही नजर आता है।

घूंघट में छुपा उसका हसीन चेहरा,
लगता है जैसे आसमान का सबसे प्यारा तारा।

घूंघट में चेहरा और आंखों में प्यार,
यही तो है उसकी खूबसूरती का राज़दार।

घूंघट में उसका चेहरा जब खिल जाता है,
मेरा दिल उसी पल फिर से बहक जाता है।

घूंघट में छुपा चेहरा इतना हसीन है,
उसे देखने की चाहत आज भी दिल में यकीन है।

घूंघट में उसका चेहरा देखकर ये एहसास हुआ,
मेरी जिंदगी को उससे ही तो प्यार हुआ।

घूंघट की हल्की सी ओट में चेहरा तेरा,
जैसे चांदनी रात में चमकता चांद सुनहरा।

घूंघट में चेहरा, माथे पर बिंदी प्यारी,
दुल्हन के रूप में लगती है सबसे न्यारी।

घूंघट में उसका चेहरा जब सामने आता है,
दिल को मोहब्बत का मौसम याद आता है।

घूंघट में छुपा चेहरा देखकर दिल ने कहा,
इससे खूबसूरत नजारा मैंने कभी नहीं देखा।

घूंघट में चेहरा उसका शर्म से लाल था,
मेरी नजरों के सामने प्यार का कमाल था।

घूंघट की ओट से जब चेहरा दिखा उसका,
उसी पल दिल ने नाम लिख दिया उसका।

घूंघट में छुपी उसकी मुस्कान निराली है,
उसकी सादगी ही उसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है।

घूंघट में चेहरा और आंखों में नशा,
उसे देखकर दिल ने बस इतना कहा—तू ही है मेरा।

घूंघट में छुपा चेहरा जब पहली बार देखा,
लगा जैसे किस्मत ने अपना सबसे खूबसूरत तोहफा दिया।

Ghoonghat Mein Chehra Dekhne Ki Shayari

घूंघट में छुपा चेहरा जब देखा पहली बार,
दिल ने उसी पल कर लिया तुमसे प्यार।

घूंघट की ओट से चेहरा जब नजर आया,
लगा जैसे चांद ने खुद जमीन पर कदम रखा।

घूंघट में उसका चेहरा देखने की चाहत थी,
उस एक झलक में ही पूरी मेरी मोहब्बत थी।

घूंघट उठाकर चेहरा जब उसने दिखाया,
मेरी आंखों ने अपना सबसे हसीन ख्वाब पाया।

घूंघट में छुपे चेहरे की वो पहली झलक,
आज भी दिल में बसी है बनकर खूबसूरत चमक।

जब घूंघट में उसका चेहरा देखा,
दिल ने कहा इससे हसीन कुछ नहीं देखा।

घूंघट की ओट में चेहरा तेरा देखा,
लगा जैसे चांद को करीब से देखा।

उसके घूंघट में छुपा चेहरा जब सामने आया,
मेरी धड़कनों ने भी मोहब्बत का गीत गाया।

घूंघट हटते ही चेहरा उसका खिल गया,
मेरी आंखों को जैसे उनका जहां मिल गया।

घूंघट में चेहरा देखने का वो पल खास था,
उस पल मेरे दिल के सबसे करीब तू था।

घूंघट की हल्की सी ओट में चेहरा तेरा,
जैसे रात के अंधेरे में चमकता सवेरा।

पहली बार घूंघट में तेरा चेहरा देखा,
उसी पल दिल ने तुझे अपना देखा।

घूंघट में छुपी तेरी मुस्कान जब देखी,
दिल ने मोहब्बत की एक नई कहानी लिखी।

घूंघट उठने का इंतजार था बरसों से,
चेहरा देखा तो प्यार हो गया नजरों से।

घूंघट में तेरा चेहरा देखकर दिल मुस्कुराया,
लगा जैसे मेरी किस्मत ने मुझे अपना बनाया।

घूंघट की ओट से जब नजरें मिलीं,
दिल में मोहब्बत की हजारों कलियां खिलीं।

घूंघट में चेहरा तेरा इतना प्यारा लगा,
जैसे चांद को पहली बार करीब से देखा लगा।

वो घूंघट में चेहरा छुपाकर शर्माना,
मेरे दिल को आज भी याद है तेरा मुस्कुराना।

घूंघट उठा तो चेहरा सामने था,
उस पल से मेरा दिल सिर्फ तुम्हारा था।

घूंघट में चेहरा देखने की वो पहली शाम,
आज भी मेरे दिल में है उसका खूबसूरत नाम।

Ghoonghat Love Shayari

घूंघट की ओट में तुम और आंखों में प्यार,
बस इतना ही काफी है जीने को मेरे यार।

घूंघट में छुपा चेहरा तेरा बेहद प्यारा लगता है,
तेरी एक झलक में दिल को सारा जहां हमारा लगता है।

घूंघट की ओट से जब तुम मुझे देखती हो,
सच कहूं, तुम मेरी धड़कनों में बस जाती हो।

घूंघट में तेरा शर्माना दिल को भा जाता है,
तेरी हर अदा पर मुझे प्यार आ जाता है।

घूंघट उठे या न उठे, प्यार नजर आ जाता है,
तेरी आंखों से ही दिल का हाल समझ आ जाता है।

घूंघट में छुपी तेरी मुस्कान का क्या कहना,
तुझे देखकर दिल ने सीख लिया बस तेरा होना।

घूंघट की ओट में बैठी मेरी मोहब्बत है तू,
मेरी हर खुशी और मेरी चाहत है तू।

लाल घूंघट में जब तुम सामने आती हो,
मेरी धड़कनों को बेकरार कर जाती हो।

घूंघट में तेरा चेहरा चांद से भी प्यारा है,
मेरी जिंदगी में बस तेरा ही सहारा है।

घूंघट में छुपी आंखों से इश्क जताती हो,
बिना कुछ कहे ही दिल चुरा ले जाती हो।

घूंघट की ओट में जो नजरें मिलीं,
उसी पल मेरी सारी खुशियां खिलीं।

तेरे घूंघट की खुशबू में प्यार सा एहसास है,
तू पास हो तो हर पल मेरे लिए खास है।

घूंघट में सजी तुम जब मेरे सामने आईं,
मेरी आंखों ने मोहब्बत की दुनिया सजाई।

तेरा घूंघट और तेरी शर्मीली अदाएं,
मेरे दिल को हर बार तुझ पर ही लुटाएं।

घूंघट में जब तुम मुस्कुराती हो,
मेरी दुनिया को और हसीन बनाती हो।

तेरे घूंघट में छुपा है मेरे दिल का सुकून,
तुझे देखकर खिल उठता है मेरा हर जुनून।

घूंघट की ओट से तुम्हारा मुझे देखना,
मेरे लिए है सबसे खूबसूरत इश्क का सपना।

घूंघट में तेरा रूप जब निखरता है,
मेरा दिल हर बार तुझ पर मरता है।

तेरे घूंघट में छुपा चेहरा जब देखा,
लगा प्यार को पहली बार सच में देखा।

घूंघट में बैठी तुम दुल्हन बनकर,
मेरे दिल में उतर गईं हमेशा के लिए बनकर।

Ghoonghat Par Romantic Shayari

घूंघट में तुम शर्माओ, मैं तुम्हें निहारूं,
इसी खूबसूरत पल में सारी जिंदगी गुजारूं।

घूंघट में छुपा तेरा चेहरा जब नजर आता है,
मेरा दिल हर बार तुझ पर ही मर जाता है।

घूंघट की ओट से जब तुम मुझे देखती हो,
मेरी धड़कनों में प्यार की सरगम छेड़ती हो।

घूंघट में तेरा शर्माना बड़ा प्यारा लगता है,
तुझे देखकर हर पल इश्क हमारा लगता है।

घूंघट उठाकर जब तुम मुस्कुराती हो,
मेरी दुनिया को और हसीन बनाती हो।

तेरे घूंघट की ओट में छुपा है प्यार,
तेरी एक झलक पर दिल हो जाता है बेकरार।

लाल घूंघट में जब तुम मेरे पास आती हो,
मेरी धड़कनों को और तेज कर जाती हो।

घूंघट में तेरा चेहरा चांद सा चमकता है,
तुझे देखकर ये दिल बस तेरा ही रहता है।

तेरी आंखों से इश्क का इशारा होता है,
घूंघट में छुपा चेहरा सबसे प्यारा होता है।

घूंघट की हल्की सी ओट और तेरी मुस्कान,
मेरे दिल के लिए है सबसे खूबसूरत अरमान।

जब घूंघट सरकाकर तुम सामने आती हो,
मेरी हर धड़कन को अपना बना जाती हो।

घूंघट में सजी तुम दुल्हन जैसी लगती हो,
मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत खुशी लगती हो।

घूंघट की ओट में जब नजरें मिलती हैं,
दिल में मोहब्बत की कलियां खिलती हैं।

तेरे घूंघट में छुपी शर्म की बात ही अलग है,
तेरी हर अदा मेरे दिल के बेहद करीब है।

घूंघट में तुम्हें देखकर बस इतना कहना है,
तेरे साथ ही अब मुझे जिंदगी भर रहना है।

घूंघट उठे तो चेहरा तेरा नूर बन जाए,
मेरी मोहब्बत का हर ख्वाब पूरा हो जाए।

घूंघट में तुम और हाथों में मेरा हाथ,
इससे खूबसूरत क्या होगी जिंदगी की बात।

तेरी घूंघट वाली अदाओं पर दिल हार बैठे,
तुझे अपना बनाने का ख्वाब संवार बैठे।

घूंघट में छुपकर जब तुम प्यार जताती हो,
बिना बोले ही मेरे दिल को समझ जाती हो।

घूंघट की ओट से तेरी एक नजर क्या मिली,
मेरे दिल को मोहब्बत की नई वजह मिल गई।

Ghoonghat Mein Chhupi Mohabbat Shayari

घूंघट में छुपी मोहब्बत का ये असर है,
तू दूर होकर भी हर पल मेरे दिल के अंदर है।

घूंघट में छुपी मोहब्बत का अंदाज़ निराला है,
तेरी आंखों ने बिना कहे दिल का हाल बता डाला है।

घूंघट की ओट में छुपा तेरा प्यार,
मेरी धड़कनों को करता है हर पल बेकरार।

घूंघट में चेहरा छुपा है, आंखों में इकरार,
तेरी खामोशी भी करती है मुझसे प्यार।

तेरे घूंघट में छुपी मोहब्बत जब नजर आती है,
मेरी हर धड़कन बस तेरा नाम गुनगुनाती है।

घूंघट की ओट से जब तुम नजरें मिलाती हो,
बिना कहे ही अपने दिल की बात बताती हो।

तेरी शर्मीली आंखों में प्यार दिखाई देता है,
घूंघट के पीछे भी तेरा इकरार दिखाई देता है।

घूंघट में छुपी मोहब्बत का राज क्या बताएं,
नजरें मिलती हैं तो दिल खुद-ब-खुद मुस्कुराएं।

घूंघट में छुपकर तुम जो मुस्कुराती हो,
मेरे दिल में मोहब्बत और बढ़ाती हो।

तेरे घूंघट की ओट में जो प्यार मिला,
लगा जैसे जिंदगी को अपना करार मिला।

घूंघट में छुपा चेहरा और आंखों में प्यार,
यही तो है मेरे दिल का सबसे खूबसूरत खुमार।

घूंघट उठता नहीं, फिर भी इश्क नजर आता है,
तेरी आंखों से दिल को हर राज समझ आता है।

तेरी पलकों की झुकी हुई नजरें कहती हैं,
घूंघट के पीछे भी मोहब्बत रहती है।

घूंघट में छुपी तेरी मोहब्बत प्यारी लगती है,
तेरी हर शर्मीली अदा दिल को हमारी लगती है।

घूंघट की ओट में प्यार का पैगाम मिला,
तेरी एक नजर में जिंदगी भर का अरमान मिला।

तेरी आंखों में जो मोहब्बत छुपी है,
वही मेरे दिल की सबसे खूबसूरत खुशी है।

घूंघट में छुपी मोहब्बत जब सामने आई,
मेरी जिंदगी में खुशियों की बहार लाई।

घूंघट की ओट से इश्क जताने लगी,
वो धीरे-धीरे मेरे दिल में समाने लगी।

चेहरे पर घूंघट, आंखों में प्यार था,
उस पल दिल को बस तेरा इंतजार था।

घूंघट के पीछे छुपा था प्यार का एहसास,
तेरी एक मुस्कान ने कर दिया सब कुछ खास।

Ghoonghat Mein Chhupa Pyar Shayari

घूंघट में छुपा तेरा प्यार बड़ा प्यारा लगता है,
तेरी एक झलक में दिल को सुकून मिलता है।

घूंघट की ओट में छुपा है प्यार तेरा,
मेरी हर धड़कन पर अब अधिकार है तेरा।

घूंघट में चेहरा छुपा, आंखों में प्यार,
तेरी खामोशी भी करती है इजहार।

घूंघट में छुपा तेरा प्यार जब नजर आता है,
मेरा दिल चुपके से मुस्कुरा जाता है।

तेरी झुकी पलकों में प्यार दिखाई देता है,
घूंघट के पीछे भी इकरार दिखाई देता है।

घूंघट की ओट से जब तुम मुझे देखती हो,
मेरी धड़कनों में अपना प्यार भर देती हो।

घूंघट में छुपा चेहरा और मीठी मुस्कान,
इन्हीं अदाओं पर कुर्बान है मेरा दिल और जान।

घूंघट के पीछे छुपा तेरा प्यार है,
इसी प्यार पर मेरा दिल बेकरार है।

घूंघट में जब तुम शर्माती हो,
मेरे दिल को अपना बना जाती हो।

तेरे घूंघट में छुपा प्यार अनमोल है,
तेरी आंखों में मेरे लिए मीठे बोल हैं।

घूंघट की हल्की सी ओट में प्यार मिला,
तेरी एक नजर में दिल को करार मिला।

घूंघट में छुपा प्यार तेरा जब समझ आया,
मैंने खुद को तेरे और करीब पाया।

तेरी आंखें घूंघट के पीछे भी बोलती हैं,
प्यार की सारी बातें चुपके से खोलती हैं।

घूंघट में छुपा तेरा मासूम सा प्यार,
मेरे दिल को लगता है सबसे ज्यादा खास।

घूंघट की ओट से तेरा प्यार जताना,
आज भी याद है तेरा वो शर्माना।

घूंघट में छुपा प्यार जब दिल में उतर गया,
मेरा हर ख्वाब तेरे नाम से संवर गया।

तेरे घूंघट में छुपी मोहब्बत का असर है,
तू सामने न हो फिर भी दिल में तेरी खबर है।

घूंघट में छुपा प्यार जब मुस्कुराया,
मेरे दिल ने भी तुझे अपना बनाया।

घूंघट की ओट में तेरी आंखों का इशारा,
मेरे लिए बन गया प्यार का सबसे हसीन नजारा।

घूंघट में छुपा तेरा प्यार ही मेरी खुशी है,
तू मेरे दिल की सबसे खूबसूरत बंदगी है।

Ghoonghat Shayari for Wife

घूंघट में तुम और मेरे हाथों में तुम्हारा हाथ,
बस यही चाहिए मुझे जिंदगी भर तुम्हारा साथ।

घूंघट में जब तुम मेरे सामने आती हो,
मेरी जिंदगी की हर खुशी बन जाती हो।

घूंघट की ओट से तुम्हारा शर्माना प्यारा लगता है,
मेरी पत्नी के रूप में तुमसे प्यार और भी गहरा लगता है।

लाल घूंघट में सजी मेरी हमसफर,
तुम्हें देखकर खिल उठता है मेरा हर एक पल।

घूंघट में तुम्हारा चेहरा जब नजर आता है,
मेरा दिल हर बार तुम पर फिर से आ जाता है।

मेरी पत्नी, मेरी जिंदगी, मेरी सबसे खूबसूरत चाहत हो तुम,
घूंघट में भी सबसे हसीन लगती हो तुम।

घूंघट की ओट में तुम्हारी प्यारी सी मुस्कान,
मेरे दिल की धड़कन और मेरी पहचान।

तुम्हारे घूंघट में छुपा चेहरा जब देखता हूं,
हर जन्म में तुम्हें ही अपनी पत्नी मांगता हूं।

घूंघट में सजी तुम जब मेरे पास बैठती हो,
मेरी जिंदगी की हर कमी पूरी कर देती हो।

तुम्हारा घूंघट और तुम्हारी शर्मीली अदाएं,
मेरे दिल को हर रोज तुमसे प्यार कराएं।

घूंघट में तुम्हें देखकर दिल यही कहता है,
मेरी दुनिया में तुमसे खूबसूरत कोई नहीं रहता है।

मेरी पत्नी के रूप में तुम मिलीं तो किस्मत संवर गई,
घूंघट में तुम्हारी एक झलक से जिंदगी निखर गई।

घूंघट की हल्की सी ओट और चेहरे पर मुस्कान,
मेरी पत्नी तुम पर कुर्बान मेरा दिल और जान।

घूंघट उठे तो चांद भी शर्मा जाए,
मेरी पत्नी का चेहरा देख हर खुशी मुस्कुराए।

तुम्हारे घूंघट में प्यार का एहसास है,
तुम साथ हो तो हर दिन मेरे लिए खास है।

घूंघट में तुम शर्माती हो तो दिल खुश हो जाता है,
मेरा प्यार हर बार तुम पर और बढ़ जाता है।

घूंघट की ओट में बैठी मेरी जिंदगी की रानी,
तुमसे ही पूरी है मेरी प्रेम कहानी।

तुम्हारे घूंघट में छुपी सादगी कमाल है,
मेरी पत्नी, तुम ही मेरा सबसे खूबसूरत ख्याल हो।

घूंघट में तुम्हारा चेहरा देखकर मुस्कुराता हूं,
हर दिन तुम्हें अपनी पत्नी पाकर खुद को खुशनसीब पाता हूं।

घूंघट में सजी मेरी जीवनसंगिनी प्यारी लगे,
उसके साथ बिताया हर पल दुनिया से न्यारा लगे।

Ghoonghat Shayari for Girlfriend

घूंघट में तुम और आंखों में प्यार तेरा,
बस यही है मेरे दिल का सबसे हसीन सवेरा।

घूंघट में जब तुम मेरे सामने आती हो,
मेरी धड़कनों को एक नया एहसास दे जाती हो।

घूंघट की ओट से तुम्हारा मुझे देखना,
मेरे लिए है इश्क का सबसे हसीन सपना।

घूंघट में छुपा तुम्हारा चेहरा जब दिखता है,
मेरा दिल हर बार तुम पर ही फिदा होता है।

तुम्हारा घूंघट और वो शर्मीली मुस्कान,
सच में लूट लेती है मेरा दिल और जान।

घूंघट में तुम चांद से भी हसीन लगती हो,
मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत खुशी लगती हो।

घूंघट की ओट से जब नजरें मिलाती हो,
बिना बोले ही दिल की बात कह जाती हो।

घूंघट में छुपी तुम्हारी आंखों का नशा,
मुझे हर बार बना देता है तुम्हारा दीवाना।

घूंघट थोड़ा सा सरकाकर जो तुम मुस्कुराती हो,
मेरी धड़कनों को और भी तेज कर जाती हो।

तेरे घूंघट में छुपा प्यार बड़ा खास है,
तू पास रहे तो हर पल मेरे लिए खास है।

घूंघट में तुम्हें देखकर दिल ने कहा,
तुमसे खूबसूरत कोई ख्वाब नहीं मिला।

तेरी घूंघट वाली अदाओं पर दिल हार गया,
तुझे देखते ही मेरा हर ख्वाब संवर गया।

घूंघट की हल्की सी ओट में चेहरा तेरा,
जैसे रात में चमकता कोई चांद सुनहरा।

घूंघट में तुम शर्माती हो तो दिल मुस्कुराता है,
तुम्हें देखकर मेरा प्यार और बढ़ जाता है।

घूंघट की ओट में छुपा तेरा इश्क,
मेरे दिल के सबसे करीब है आज भी।

तेरे घूंघट से झांकती वो प्यारी सी नजर,
मेरे दिल पर कर जाती है मोहब्बत का असर।

घूंघट में सजी तुम जब पास आती हो,
मेरी दुनिया को प्यार से भर जाती हो।

घूंघट में छुपा चेहरा तेरा मेरी चाहत है,
तू ही मेरी मोहब्बत, तू ही मेरी राहत है।

घूंघट उठे या न उठे, इश्क नजर आता है,
तेरी आंखों से हर राज समझ आता है।

घूंघट में तुम्हारा रूप जब निखरता है,
मेरा दिल हर बार तुम पर ही मरता है।

Ghoonghat Shayari for Bride

लाल घूंघट में सजी ये दुल्हन प्यारी,
आज लग रही है सबसे सुंदर और न्यारी।

घूंघट में सजी दुल्हन जब सामने आई,
जैसे चांदनी ने अपनी खूबसूरती धरती पर सजाई।

लाल घूंघट में दुल्हन का रूप निखर गया,
उसे देखते ही हर दिल ठहर गया।

घूंघट की ओट में दुल्हन का चेहरा प्यारा है,
जैसे आसमान में चमकता चांद सितारा है।

घूंघट में शर्माती दुल्हन कमाल लगती है,
अपने नए जीवन की मिसाल लगती है।

लाल जोड़े में सजी, घूंघट में छुपी दुल्हन,
आज लग रही है सबसे खूबसूरत चांदनी।

घूंघट उठे तो चेहरे पर नूर बरसता है,
दुल्हन का रूप हर किसी के दिल में बसता है।

घूंघट में छुपी दुल्हन की मुस्कान निराली है,
उसकी सादगी ही उसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है।

घूंघट की ओट से जब दुल्हन नजरें झुकाती है,
अपनी मासूमियत से सबका दिल जीत जाती है।

घूंघट में सजी दुल्हन का ये अंदाज,
जैसे चांद के आगे फीका पड़े हर साज।

माथे की बिंदी, हाथों में मेहंदी और लाल घूंघट,
दुल्हन के रूप में लगती है बेहद खूबसूरत।

घूंघट में उसका चेहरा जब नजर आया,
लगा जैसे खुद चांद जमीन पर उतर आया।

दुल्हन का घूंघट और आंखों में शर्म,
आज उसकी खूबसूरती पर हर कोई है फिदा।

घूंघट की हल्की सी ओट में मुस्कुराती दुल्हन,
जैसे फूलों के बीच खिली कोई सुंदर कली।

घूंघट में दुल्हन का रूप इतना प्यारा है,
जैसे सपनों में देखा कोई नजारा है।

घूंघट संभालकर जब दुल्हन धीरे से चली,
उसकी हर अदा फूलों से भी ज्यादा खिली।

घूंघट में छुपा दुल्हन का हसीन चेहरा,
उसकी नई जिंदगी का सबसे सुंदर सवेरा।

घूंघट में दुल्हन और हाथों में मेहंदी,
आज उसकी हर अदा लगती है बेहद प्यारी।

घूंघट की ओट में शर्माती हुई दुल्हन,
जैसे प्यार की कहानी का खूबसूरत पहला पन्ना।

घूंघट में सजी दुल्हन जब आई द्वार,
खुशियों से भर गया पूरा परिवार।

Dulhan Ghoonghat Shayari

घूंघट में सजी दुल्हन जब घर में आई,
अपने साथ खुशियों की सौगात लाई।

लाल घूंघट में सजी दुल्हन प्यारी लगती है,
जैसे चांदनी रात में चांद की रोशनी लगती है।

घूंघट की ओट में दुल्हन जब मुस्कुराती है,
अपनी मासूमियत से सबका दिल जीत जाती है।

दुल्हन का घूंघट और चेहरे पर शर्म,
उसकी खूबसूरती का यही तो है सबसे प्यारा रंग।

लाल घूंघट में उसका रूप निखर आया,
जैसे आसमान से कोई चांद उतर आया।

घूंघट में छुपा दुल्हन का चेहरा कमाल है,
उसकी सादगी ही उसकी सबसे बड़ी मिसाल है।

घूंघट संभालकर दुल्हन जब धीरे से चलती है,
उसकी हर अदा दिल में उतरती है।

दुल्हन के घूंघट की ओट बड़ी प्यारी है,
उसमें छुपी उसकी मुस्कान सबसे न्यारी है।

घूंघट में सजी दुल्हन जब सामने आई,
हर नजर ने बस उसकी खूबसूरती पाई।

लाल घूंघट, हाथों में मेहंदी और प्यारी मुस्कान,
दुल्हन के रूप पर कुर्बान हर दिल और जान।

घूंघट में दुल्हन का चेहरा जब चमकता है,
उसकी खूबसूरती से पूरा आंगन महकता है।

घूंघट की हल्की सी ओट से जब नजरें झुकाईं,
दुल्हन ने अपनी मासूमियत से शाम सजाई।

दुल्हन का घूंघट जैसे खुशियों की निशानी,
आज से शुरू हुई उसकी नई प्रेम कहानी।

घूंघट में छुपी दुल्हन की आंखों में सपने हैं,
नए रिश्तों के और प्यार के अपने सपने हैं।

घूंघट में सजी दुल्हन चांद जैसी लगती है,
उसकी हर अदा दिल को खास लगती है।

दुल्हन ने घूंघट में चेहरा जब छुपाया,
हर किसी ने उसकी खूबसूरती का राज समझ पाया।

घूंघट में शर्माती दुल्हन का नूर निराला है,
जैसे फूलों से सजा कोई खूबसूरत उजाला है।

घूंघट की ओट में दुल्हन का मुस्कुराना,
लगता है जैसे चांद का बादलों में छुप जाना।

लाल घूंघट में दुल्हन जब सजी-संवरी,
उसकी खूबसूरती लगी सबसे अलग और न्यारी।

घूंघट में दुल्हन और आंखों में प्यार,
यही है शादी के खूबसूरत पल का श्रृंगार।

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घूंघट की ओट में तुम मुस्कुराती रहो,
मेरी जिंदगी को यूं ही खूबसूरत बनाती रहो।

घूंघट की ओट में छुपा चेहरा कमाल है,
उसकी एक झलक ही दिल के लिए बेमिसाल है।

घूंघट में छुपी मोहब्बत आंखों से नजर आती है,
बिना कुछ कहे ही दिल की बात समझ आती है।

घूंघट में उसका शर्माना दिल को भा जाता है,
उसकी एक मुस्कान पर दिल हार जाता है।

लाल घूंघट में वो चांद से भी प्यारी लगे,
उसकी हर अदा दिल को सबसे न्यारी लगे।

घूंघट की ओट से जब नजरें मिलती हैं,
दिल में मोहब्बत की कलियां खिलती हैं।

घूंघट में छुपा चेहरा और आंखों में प्यार,
यही है मेरे दिल का सबसे हसीन खुमार।

घूंघट उठे तो चांद भी शर्मा जाए,
उसका चेहरा देख हर नजर ठहर जाए।

घूंघट में सजी वो दुल्हन कमाल लगती है,
अपनी सादगी में सबसे बेमिसाल लगती है।

घूंघट की हल्की सी ओट,
और दिल में छुपा अनकहा प्यार।

घूंघट में चेहरा तेरा, आंखों में नूर,
तुझे देखकर दिल हो जाता है मजबूर।

घूंघट में छुपकर जो मुस्कुराती है,
वो मेरी दुनिया और भी खूबसूरत बनाती है।

घूंघट की ओट में प्यार का इशारा,
तेरी एक नजर ने दिल को हारा।

घूंघट में उसका चेहरा जब नजर आया,
लगा जैसे चांद जमीन पर उतर आया।

घूंघट में सजी मेरी मोहब्बत,
मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत चाहत।

घूंघट और शर्मीली मुस्कान का ये अंदाज,
दिल को कर दे पल भर में बेकरार।

घूंघट की ओट से तेरा मुझे देखना,
मेरे लिए है इश्क का सबसे हसीन सपना।

घूंघट में छुपी आंखों का नशा ऐसा है,
दिल को तेरे अलावा कुछ दिखता ही नहीं।

घूंघट में तुम और हाथों में मेहंदी,
खूबसूरती लगे आज सबसे ज्यादा प्यारी।

घूंघट में छुपा प्यार जब सामने आया,
दिल ने उसी पल तुम्हें अपना बनाया।

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घूंघट की ओट में मेरी पहचान,
सादगी, शर्म और थोड़ा सा अरमान।

घूंघट में छुपा चेहरा, आंखों में प्यार,
यही तो है मेरी खूबसूरती का राज़दार।

घूंघट की ओट से जो नजरें मिलीं,
दिल में मोहब्बत की कलियां खिलीं।

घूंघट में शर्माना भी एक अदा है,
इसी अदा पर मेरा दिल फिदा है।

लाल घूंघट में सजी मैं,
अपनी ही कहानी की रानी हूं मैं।

घूंघट में छुपा चेहरा मेरा,
नजरों में बसे ख्वाब तेरा।

घूंघट की हल्की सी ओट,
और दिल में मोहब्बत की मीठी सी चोट।

घूंघट में चेहरा और आंखों में नूर,
सादगी में भी लगूं सबसे भरपूर।

घूंघट उठे तो चांद भी शर्मा जाए,
ऐसी खूबसूरती हर किसी को कहां मिल पाए।

घूंघट में सजी दुल्हन का अंदाज निराला,
आज हर नजर को मेरा रूप लगा प्यारा।

घूंघट की ओट में छुपी मेरी मुस्कान,
दिल जीत ले बिना कहे ही मेरी जान।

घूंघट में छुपा है मेरा प्यार,
आंखें करती हैं उसका इकरार।

घूंघट में जब चेहरा मेरा निखरता है,
हर आईना भी मुझ पर थोड़ा सा ठहरता है।

घूंघट की ओट से तेरा दीदार हुआ,
उसी पल दिल को तुझसे प्यार हुआ।

घूंघट में छुपी आंखें बहुत कुछ कहती हैं,
खामोशी में भी मोहब्बत की बातें रहती हैं।

घूंघट में मेरा रूप, हाथों में मेहंदी,
आज मेरी हर अदा लगती है सबसे प्यारी।

घूंघट की ओट में शर्माती हुई मैं,
अपनी मोहब्बत में मुस्कुराती हुई मैं।

घूंघट में छुपा चेहरा जब दिखता है,
हर पल थोड़ा और खूबसूरत लगता है।

घूंघट और पायल की प्यारी सी झंकार,
मेरे रूप को बना दे और भी शानदार।

घूंघट में सजी, नजरें झुकी हुई,
अपनी सादगी में भी सबसे अलग खड़ी।

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घूंघट में सजी वो और चेहरे पर मुस्कान,
आज उसकी खूबसूरती पर कुर्बान हर दिल और जान।

घूंघट में छुपा चेहरा जब सामने आता है,
दिल को एक खूबसूरत एहसास हो जाता है।

घूंघट की ओट से जब नजरें मिलती हैं,
दिल में मोहब्बत की कलियां खिलती हैं।

घूंघट में उसका शर्माना बड़ा प्यारा लगता है,
उसकी हर अदा पर दिल हमारा लगता है।

लाल घूंघट में सजी वो दुल्हन कमाल लगती है,
जैसे चांदनी रात में चांद की रोशनी लगती है।

घूंघट की हल्की सी ओट में छुपा प्यार,
आंखों से कर देता है दिल का इकरार।

घूंघट में छुपा चेहरा और आंखों में नूर,
उसकी एक झलक कर दे दिल को मजबूर।

घूंघट उठे तो चांद भी शर्मा जाए,
उसका चेहरा देख हर नजर ठहर जाए।

घूंघट में सजी वो जब सामने आई,
उसकी खूबसूरती ने महफिल सजाई।

घूंघट की ओट में उसकी प्यारी मुस्कान,
दिल को कर देती है पल भर में बेकरार।

घूंघट में छुपी आंखें बहुत कुछ कहती हैं,
बिना बोले भी मोहब्बत की बातें करती हैं।

घूंघट में उसका चेहरा चांद सा लगता है,
उसे देखकर हर पल खास सा लगता है।

घूंघट की ओट से प्यार जताने का अंदाज,
दिल को कर देता है पल भर में बेकरार।

घूंघट में छुपा उसका रूप निराला है,
उसकी सादगी का हर कोई दीवाना है।

घूंघट में जब वो नजरें झुकाती है,
अपनी मासूमियत से सबका दिल जीत जाती है।

घूंघट और मेहंदी से सजा उसका रूप,
जैसे धरती पर उतर आया हो चांद का स्वरूप।

घूंघट की ओट में बैठी वो प्यारी सी दुल्हन,
जैसे फूलों के बीच खिली कोई सुंदर कली।

घूंघट में छुपा प्यार जब नजर आता है,
दिल अपने आप मुस्कुरा जाता है।

घूंघट में सजी उसकी खूबसूरती का क्या कहना,
उसे देखकर बस यही दिल चाहे—यूं ही देखते रहना।

घूंघट की ओट से जब उसने मुझे देखा,
उस एक नजर में मैंने अपना जहां देखा।

2 Line Ghoonghat Shayari

घूंघट में छुपा चेहरा तेरा चांद से भी प्यारा है,
तेरी एक झलक ने दिल को अपना दीवाना बनाया है।

घूंघट की ओट से जब तुम नजरें मिलाती हो,
बिना कहे ही दिल की सारी बातें बताती हो।

घूंघट में तेरा शर्माना कमाल लगता है,
तेरी हर अदा पर दिल बेहाल लगता है।

घूंघट उठते ही चेहरा तेरा निखर गया,
एक नजर में ही मेरा दिल तुझ पर ठहर गया।

घूंघट में छुपा तेरा प्यार नजर आता है,
तेरी आंखों से हर राज समझ आता है।

लाल घूंघट में तुम चांद जैसी लगती हो,
मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत खुशी लगती हो।

घूंघट की हल्की सी ओट और प्यारी सी मुस्कान,
इसी अदा पर कुर्बान मेरा दिल और जान।

घूंघट में चेहरा और आंखों में प्यार है,
तेरी एक नजर पर दिल बेकरार है।

घूंघट की ओट में छुपी मोहब्बत बड़ी खास है,
तू सामने हो तो हर पल मेरे लिए खास है।

घूंघट में जब दुल्हन नजरें झुकाती है,
अपनी मासूमियत से सबका दिल जीत जाती है।

घूंघट उठाया तो चांद भी शर्मा गया,
उसका चेहरा देखा तो दिल मुस्कुरा गया।

घूंघट में छुपी तेरी आंखों का नशा है,
तुझे देखते ही भूल जाता हूं हर गिला।

घूंघट की ओट से तेरा मुझे देखना,
मेरे लिए है इश्क का सबसे हसीन सपना।

घूंघट में सजी तुम जब सामने आईं,
मेरी आंखों ने मोहब्बत की दुनिया सजाई।

घूंघट में छुपा चेहरा जब नजर आया,
लगा जैसे खुद चांद जमीन पर उतर आया।

घूंघट में तुम और हाथों में मेहंदी है,
आज तुम्हारी हर अदा सबसे प्यारी है।

घूंघट की ओट में प्यार का इकरार हुआ,
तेरी एक नजर से मुझे तुमसे प्यार हुआ।

घूंघट में तेरा रूप जब निखरता है,
मेरा दिल हर बार तुम पर ही मरता है।

घूंघट में छुपी मुस्कान तेरी प्यारी है,
तू ही मेरी मोहब्बत, तू ही मेरी दुनिया सारी है।

घूंघट में तुम शर्माओ और मैं तुम्हें निहारूं,
इसी खूबसूरत पल में अपनी जिंदगी गुजारूं।

Ghoonghat Ki Ada Par Shayari

घूंघट की ओट में तुम्हारी अदा निराली है,
तुम्हारी हर मुस्कान सबसे प्यारी है।

घूंघट सरकाकर जब तुम मुस्कुराती हो,
अपनी एक अदा से दिल चुरा ले जाती हो।

घूंघट में तुम्हारा शर्माना कमाल लगता है,
तुम्हारी हर अदा पर दिल बेहाल लगता है।

घूंघट की ओट से जब नजरें मिलाती हो,
बिना बोले ही मोहब्बत जता जाती हो।

घूंघट में छुपकर यूं नजरें झुकाना,
दिल को बहुत भाता है तेरा शर्माना।

घूंघट की हल्की सी ओट और चेहरे पर मुस्कान,
तुम्हारी इस अदा पर कुर्बान मेरा दिल और जान।

घूंघट संभालकर जब तुम धीरे से चलती हो,
अपनी हर अदा से दिल में उतरती हो।

घूंघट की ओट से तुम्हारा देखना,
मेरी धड़कनों को और भी बढ़ा देना।

घूंघट में सजी तुम्हारी हर अदा खास है,
तुम्हें देखकर दिल को मिलता एहसास है।

घूंघट थोड़ा सा उठाकर जब तुम देखती हो,
मेरी आंखों में अपना प्यार लिख देती हो।

तुम्हारी घूंघट वाली अदा दिल को भाती है,
तुम्हारी एक झलक मेरी दुनिया सजाती है।

घूंघट में तुम्हारी शर्मीली सी अदाएं,
दिल को मजबूर करें तुम्हें ही निहारने को।

घूंघट की ओट में जो तुम मुस्कुराती हो,
मेरी हर धड़कन को अपना बना जाती हो।

घूंघट और पायल की प्यारी सी झंकार,
तुम्हारी हर अदा लगे दिलकश और शानदार।

घूंघट में जब तुम नजरें झुकाती हो,
अपनी मासूमियत से दिल जीत जाती हो।

घूंघट सरकाने की वो नाजुक सी अदा,
देखकर दिल ने बस तुमसे मोहब्बत की दुआ।

घूंघट की ओट में छुपा तुम्हारा नूर,
तुम्हारी अदा के आगे हर नजारा है मजबूर।

घूंघट में तुम और चेहरे पर लाज,
तुम्हारी इस अदा पर दिल को है नाज।

घूंघट उठे तो चेहरा नूर बन जाए,
तुम्हारी एक अदा पर दिल फिर फिदा हो जाए।

घूंघट की ओट में तुम्हारी प्यारी सी अदा,
मेरे दिल को हर बार कर देती है तुम पर फिदा।

Ghoonghat Mein Haseen Chehra Shayari

घूंघट में तेरा चेहरा देखकर बस यही चाहत है,
तुझे यूं ही निहारते रहना मेरी सबसे बड़ी राहत है।

घूंघट में छुपा हसीन चेहरा तेरा,
जैसे चांद से भी खूबसूरत हो सवेरा।

घूंघट की ओट में जब चेहरा नजर आता है,
दिल को एक खूबसूरत एहसास हो जाता है।

घूंघट में तेरा हसीन चेहरा कमाल लगता है,
हर बार देखकर दिल फिर से बेहाल लगता है।

घूंघट उठते ही चेहरा तेरा खिल जाता है,
जैसे अंधेरी रात में चांद निकल आता है।

घूंघट में छुपा चेहरा जब मुस्कुराता है,
मेरी दुनिया में प्यार बरसाता है।

लाल घूंघट में तेरा चेहरा नूरानी है,
सच कहूं, तू सबसे खूबसूरत कहानी है।

घूंघट की हल्की सी ओट में चेहरा तेरा,
जैसे बादलों के बीच चमकता चांद सुनहरा।

घूंघट में तेरा चेहरा देखकर दिल ने माना,
तुझसे खूबसूरत नहीं कोई और अफसाना।

घूंघट में छुपा तेरा हसीन सा रूप,
जैसे धरती पर उतर आया हो चांद का स्वरूप।

घूंघट की ओट से जब चेहरा दिखाती हो,
अपनी खूबसूरती से दिल चुरा ले जाती हो।

घूंघट में तेरा चेहरा इतना प्यारा है,
जैसे आसमान में सबसे चमकता सितारा है।

घूंघट सरकते ही चेहरा तेरा दिखा,
उस पल दिल को मोहब्बत का एहसास मिला।

घूंघट में हसीन चेहरा और आंखों में प्यार,
तेरी एक झलक पर दिल है बेकरार।

घूंघट में सजी तुम जब सामने आती हो,
अपनी खूबसूरती से महफिल सजाती हो।

घूंघट में छुपा चेहरा जब पहली बार देखा,
लगा जैसे किस्मत ने कोई खूबसूरत ख्वाब लिखा।

घूंघट की ओट में तेरा हसीन चेहरा,
मेरी आंखों के लिए है सबसे प्यारा नजारा।

घूंघट में चेहरा और माथे पर बिंदी,
तेरी खूबसूरती लगे सबसे प्यारी और सादी।

घूंघट में तेरा चेहरा जब निखरता है,
मेरा दिल हर बार तुझ पर ही मरता है।

घूंघट के पीछे छुपा हसीन चेहरा तेरा,
मेरी मोहब्बत का सबसे खूबसूरत सवेरा।

Ghoonghat Mein Sharmati Dulhan Shayari

घूंघट में शर्माती दुल्हन बड़ी प्यारी लगती है,
जैसे चांदनी रात में चांद की सवारी लगती है।

घूंघट की ओट में जब दुल्हन नजरें झुकाती है,
अपनी मासूमियत से सबका दिल जीत जाती है।

लाल घूंघट में शर्माती हुई दुल्हन,
जैसे फूलों के बीच खिली कोई सुंदर कली।

घूंघट में उसका शर्माना कमाल लगता है,
दुल्हन का हर अंदाज बेमिसाल लगता है।

घूंघट के पीछे छुपा दुल्हन का चेहरा,
जैसे चांद के पीछे छुपा हो सवेरा।

दुल्हन घूंघट में जब मुस्कुराती है,
अपनी प्यारी अदा से महफिल सजाती है।

घूंघट में झुकी हुई उसकी नजरें,
जैसे प्यार लिख रही हों कोई नई कहानी।

लाल जोड़े में दुल्हन जब शर्माती है,
उसकी खूबसूरती हर दिल को भाती है।

घूंघट की ओट से जब दुल्हन देखती है,
उसकी आंखें दिल की बातें कहती हैं।

घूंघट में सजी दुल्हन का नूर निराला है,
उसकी मुस्कान ने हर दिल को संभाला है।

दुल्हन का शर्माना और घूंघट का सरकना,
जैसे चांद का बादलों से धीरे से निकलना।

घूंघट में दुल्हन की झुकी हुई पलकें,
उसकी मासूमियत की सबसे प्यारी झलकें।

घूंघट में शर्माती दुल्हन जब सामने आई,
हर नजर ने उसकी खूबसूरती पाई।

माथे पर बिंदी, हाथों में मेहंदी और घूंघट लाल,
दुल्हन के रूप में लगती है बेहद कमाल।

घूंघट की हल्की सी ओट में मुस्कुराती दुल्हन,
जैसे प्यार की कहानी का खूबसूरत पहला पन्ना।

शर्म से लाल चेहरा और घूंघट की ओट,
दुल्हन की खूबसूरती पर हर दिल की लगी चोट।

घूंघट में दुल्हन जब नजरें चुराती है,
उसकी एक झलक दिल को बेकरार कर जाती है।

घूंघट में छुपी दुल्हन की प्यारी सी मुस्कान,
उसके नए सफर का है खूबसूरत अरमान।

घूंघट संभालकर दुल्हन जब धीरे से चलती है,
उसकी हर अदा फूलों से भी ज्यादा खिलती है।

घूंघट में शर्माती दुल्हन का रूप है निराला,
जैसे आसमान में चमकता कोई चांद उजाला।

Ghoonghat Aur Aankhon Par Shayari

घूंघट की ओट से जब आंखें मिलीं,
मेरी जिंदगी में प्यार की बहार खिली।

घूंघट की ओट में आंखें जब नजर आती हैं,
बिना बोले ही दिल की बात कह जाती हैं।

घूंघट में छुपा चेहरा और आंखों में प्यार,
तेरी एक नजर पर दिल है बेकरार।

घूंघट के पीछे तेरी आंखों का नूर है,
उन्हें देखकर मेरा दिल भी मजबूर है।

घूंघट की ओट से जब नजरें मिलती हैं,
दिल में मोहब्बत की कलियां खिलती हैं।

घूंघट में झुकी आंखें बड़ी प्यारी लगती हैं,
तेरी शर्मीली अदाएं सबसे न्यारी लगती हैं।

घूंघट थोड़ा सा सरका और आंखें दिखीं,
उस पल दिल को मोहब्बत की राहें मिलीं।

घूंघट में छुपी आंखों का क्या कहना,
उनकी एक नजर पर दिल चाहे बस तेरा होना।

घूंघट की ओट में आंखों का इशारा,
मेरे दिल को लगता है सबसे प्यारा।

घूंघट में चेहरा और आंखों में नशा,
तुझे देखकर दिल ने बस तुझे ही चाहा।

घूंघट के पीछे आंखें जब मुस्कुराती हैं,
मेरी धड़कनों को और भी बढ़ाती हैं।

घूंघट में तेरी आंखें चांदनी सी चमकती हैं,
तेरी खामोश निगाहें मोहब्बत कहती हैं।

घूंघट की ओट से आंखों का दीदार हुआ,
उसी एक पल में तुमसे प्यार हुआ।

घूंघट में झुकी पलकों का अंदाज निराला है,
इन्हीं आंखों ने मेरा दिल चुरा डाला है।

घूंघट में आंखें और आंखों में अरमान,
इन दोनों पर कुर्बान मेरा दिल और जान।

घूंघट हटे न हटे, आंखें सब कह जाती हैं,
छुपी हुई मोहब्बत का राज बता जाती हैं।

घूंघट की हल्की सी ओट में आंखें तुम्हारी,
जैसे रात के आकाश में चमकती चांदनी प्यारी।

घूंघट में आंखों की शरारत देखी,
उसी पल दिल ने मोहब्बत की चाहत देखी।

घूंघट के पीछे छुपी वो प्यारी सी आंखें,
मेरे दिल में बसा गईं मोहब्बत की बातें।

घूंघट में तेरा चेहरा और आंखों में नूर,
तेरी एक नजर कर देती है दिल को मजबूर।

Ghoonghat Aur Aankhon Ki Shayari

घूंघट में तेरा चेहरा और आंखों में प्यार,
तेरी एक नजर पर दिल है बार-बार निसार।

घूंघट की ओट से जब आंखें मिलीं,
दिल में मोहब्बत की हजारों कलियां खिलीं।

घूंघट में छुपा चेहरा और आंखों में प्यार,
तेरी एक नजर कर देती है दिल को बेकरार।

घूंघट के पीछे तेरी आंखें कमाल करती हैं,
बिना बोले ही दिल से सवाल करती हैं।

घूंघट में झुकी आंखें जब मुस्कुराती हैं,
मेरी धड़कनों को अपना बना जाती हैं।

घूंघट की हल्की सी ओट और आंखों का नूर,
तेरी एक झलक पर दिल हो जाता है मजबूर।

घूंघट हटे न हटे, आंखें सब कह जाती हैं,
छुपी हुई मोहब्बत का राज बता जाती हैं।

घूंघट में तेरी आंखों का दीदार हुआ,
उसी एक पल में मुझे तुमसे प्यार हुआ।

घूंघट की ओट में आंखों का इशारा,
मेरे दिल को लगता है सबसे प्यारा।

घूंघट में चेहरा और आंखों में नशा,
तेरी निगाहों ने मुझे बना दिया तेरा।

घूंघट के पीछे जब आंखें झुक जाती हैं,
तेरी शर्मीली अदाएं दिल को भा जाती हैं।

घूंघट में छुपी तेरी आंखें बड़ी प्यारी हैं,
इन्हीं निगाहों पर मेरी दुनिया सारी है।

घूंघट की ओट से आंखों ने जो बात कही,
वो बात किसी लफ्ज़ में कभी कही नहीं।

घूंघट में तेरी आंखें चांदनी सी लगती हैं,
तेरी खामोश निगाहें मोहब्बत सी लगती हैं।

घूंघट में झुकी पलकें, आंखों में अरमान,
तेरी इस अदा पर कुर्बान मेरा दिल और जान।

घूंघट सरका तो आंखों का नूर दिखा,
उस एक नजर में मुझे पूरा जहां दिखा।

घूंघट के पीछे आंखों की शरारत देखी,
उसी पल दिल ने मोहब्बत की चाहत देखी।

घूंघट में आंखें और आंखों में इकरार,
यही तो है सच्चे प्यार का खूबसूरत इजहार।

घूंघट की ओट से जब तुम देखती हो,
मेरी हर धड़कन में अपनी जगह बना लेती हो।

घूंघट में छुपी आंखों का जादू ऐसा है,
तुम्हें देखकर दिल को सुकून मिलता है जैसा।

Ghoonghat Shayari for Wedding

घूंघट में सजी दुल्हन जब मंडप में आई,
उसकी खूबसूरती ने हर नजर को भा गई।

लाल घूंघट में सजा दुल्हन का रूप,
जैसे धरती पर उतर आया हो चांद का स्वरूप।

घूंघट की ओट में शर्माती दुल्हन प्यारी लगे,
शादी का हर पल उसे सबसे न्यारा लगे।

घूंघट में छुपा चेहरा और माथे की बिंदी,
आज दुल्हन लग रही है सबसे सुंदर और प्यारी।

घूंघट उठते ही चेहरे पर नूर छा गया,
शादी का खूबसूरत पल और भी खास हो गया।

लाल जोड़े में घूंघट जब सज गया,
दुल्हन का रूप देखकर हर दिल थम गया।

घूंघट की ओट से दुल्हन जब मुस्कुराई,
जैसे खुशियों ने नई रोशनी पाई।

घूंघट में दुल्हन और हाथों में मेहंदी,
आज हर अदा उसकी लगती है बेहद प्यारी।

शादी के इस खूबसूरत अवसर पर घूंघट सजा,
दुल्हन के रूप में आज चांद भी शर्मा गया।

घूंघट में छुपी दुल्हन की आंखों में प्यार,
आज से शुरू हुआ जिंदगी का नया संसार।

घूंघट की हल्की सी ओट में चेहरा हसीन,
शादी के इस पल से खूबसूरत कुछ नहीं।

घूंघट संभालकर दुल्हन जब मंडप में चली,
उसकी हर अदा फूलों से भी ज्यादा खिली।

घूंघट में शर्माती दुल्हन का नूर निराला है,
आज उसकी खूबसूरती ने सबको मतवाला किया।

घूंघट और मेहंदी से सजी दुल्हन की शान,
आज उसके नाम है हर खुशी और हर अरमान।

घूंघट की ओट में दुल्हन की प्यारी मुस्कान,
शादी की यादों में रहेगी हमेशा खास निशान।

घूंघट में सजी दुल्हन जब आई घर के द्वार,
अपने साथ लाई खुशियां और ढेर सारा प्यार।

घूंघट में दुल्हन का चेहरा जब चमका,
शादी का हर पल और भी खूबसूरत दमका।

घूंघट की ओट में झुकी हुई पलकें,
नई जिंदगी के सपनों की प्यारी झलकें।

लाल घूंघट में दुल्हन का रूप है निराला,
आज उसके आगे फीका लगे हर उजाला।

घूंघट में सजी दुल्हन और आंखों में प्यार,
यही है शादी के खूबसूरत रिश्ते का पहला इकरार।

Ghoonghat Attitude Shayari

घूंघट में चेहरा छुपा है, अंदाज नहीं,
हमसे जलने वालों के लिए कोई राज नहीं।

घूंघट मेरी सादगी है, कमजोरी नहीं,
मेरी खामोशी को मेरी मजबूरी समझना नहीं।

घूंघट में रहकर भी अपना रुतबा कायम है,
हमारी एक झलक ही काफी है, बाकी सब वहम है।

घूंघट की ओट में चेहरा जरूर छुपा है,
मगर मेरा अंदाज आज भी सबसे ऊपर है।

घूंघट में शर्माती हूं, डरती नहीं,
अपनी पहचान किसी के आगे झुकाती नहीं।

घूंघट मेरा श्रृंगार है, मेरी पहचान नहीं,
मेरी जिंदगी के फैसलों की कोई और कमान नहीं।

घूंघट में चेहरा है, नजरों में आग है,
हमारी सादगी में भी अलग ही रुतबा और अंदाज है।

घूंघट की ओट में रहकर भी राज करती हूं,
अपनी शर्तों पर जिंदगी आज भी जीती हूं।

घूंघट देखकर मेरी सादगी का अंदाजा मत लगाना,
वक्त पड़े तो मेरा अंदाज भी देख लेना।

घूंघट में छुपी हूं तो क्या हुआ,
मेरी पहचान मेरे अंदाज से होती है।

घूंघट मेरी पसंद है, किसी का दबाव नहीं,
मैं जैसी हूं, वैसी बनने में मुझे कोई खेद नहीं।

घूंघट में रहकर भी दिलों पर राज है,
यही तो मेरी सादगी वाला अंदाज है।

घूंघट में चेहरा छुपा लिया हमने,
पर अपना रुतबा नहीं छुपाया हमने।

घूंघट की ओट में मेरी शान रहती है,
मेरी हर अदा में अलग पहचान रहती है।

घूंघट में सादगी, आंखों में नूर,
मेरे अंदाज के आगे हर कोई मजबूर।

घूंघट डालकर भी कम नहीं मेरी शान,
मेरी खामोशी ही है मेरी पहचान।

घूंघट में हूं तो बस अपनी मर्जी से,
किसी के कहने पर नहीं, अपनी खुशी से।

घूंघट के पीछे चेहरा भले छुपा हो,
मेरा attitude हर किसी को दिखता है।

घूंघट मेरी अदा है, मेरी कमजोरी नहीं,
अपनी जिंदगी जीना किसी की चोरी नहीं।

घूंघट में रहकर भी अंदाज शाही है,
मेरी सादगी ही मेरी सबसे बड़ी गवाही है।

Ghoonghat Wali Ladki Par Shayari

घूंघट वाली लड़की का अंदाज ही निराला है,
उसकी सादगी ने मेरा दिल चुरा डाला है।

घूंघट में उसका चेहरा बड़ा प्यारा लगता है,
उसे देखकर हर पल दिल हमारा लगता है।

घूंघट वाली लड़की जब मुस्कुराती है,
अपनी मासूमियत से दिल जीत जाती है।

घूंघट की ओट से जब वो नजरें मिलाती है,
बिना बोले ही दिल की बात समझाती है।

घूंघट वाली लड़की का शर्माना कमाल है,
उसकी हर अदा दिल के लिए सवाल है।

लाल घूंघट में वो चांद जैसी लगती है,
अपनी सादगी में सबसे न्यारी लगती है।

घूंघट वाली लड़की की आंखों में नूर है,
उसे देखकर मेरा दिल भी मजबूर है।

घूंघट में छुपा उसका हसीन चेहरा,
जैसे बादलों में छुपा चांद सुनहरा।

घूंघट वाली लड़की जब सामने आती है,
मेरी नजरें बस उसी पर ठहर जाती हैं।

घूंघट की हल्की सी ओट और प्यारी मुस्कान,
उस लड़की पर कुर्बान मेरा दिल और जान।

घूंघट वाली लड़की की बात ही कुछ खास है,
उसकी एक झलक में मोहब्बत का एहसास है।

घूंघट में वो नजरें झुकाकर चलती है,
उसकी हर अदा दिल में उतरती है।

घूंघट वाली लड़की जब शर्माती है,
मेरी धड़कनें और भी तेज हो जाती हैं।

घूंघट की ओट में उसकी आंखों का जादू,
दिल को कर देता है बस उसका काबू।

घूंघट वाली लड़की का रूप निराला है,
उसकी सादगी ने सबको मतवाला कर डाला है।

घूंघट में उसका चेहरा जब निखरता है,
मेरा दिल हर बार उस पर ही मरता है।

घूंघट वाली लड़की की एक नजर क्या मिली,
मेरे दिल को मोहब्बत की नई वजह मिल गई।

घूंघट की ओट से उसका मुस्कुराना,
दिल को आज भी याद है उसका शर्माना।

घूंघट वाली लड़की में अलग ही बात है,
उसकी सादगी में छुपी मोहब्बत की सौगात है।

घूंघट वाली लड़की को जब करीब से देखा,
लगा जैसे किस्मत ने कोई खूबसूरत ख्वाब लिखा।

Rajasthani Ghoonghat Shayari

घूंघट में सजी म्हारी राजस्थानी बन्नी,
लागे जणूं धरती पे उतर आई चांदनी।

घूंघट में म्हारी गोरी, चांद सूं भी प्यारी लागे,
म्हारी नजर पड़ते ही दिल में प्रेम री लहर जागे।

घूंघट री ओट में बैठी म्हारी बन्नी न्यारी लागे,
थारी एक झलक दिल ने सबसे प्यारी लागे।

लाल घूंघट में बन्नी जब शरमावे,
चांद भी देखे तो म्हारी बन्नी आगे शरमावे।

घूंघट में छुप्यो मुखड़ो थारो कमाल लागे,
देखूं जितनी बार, उतनो ही बेमिसाल लागे।

घूंघट री ओट सूं जब नैणा मिलावे,
म्हारो दिल चुपके-चुपके थारे पे मुस्कावे।

बन्नी घूंघट में जब नजरां झुकावे,
म्हारो मन थारी मोहब्बत में डूब जावे।

घूंघट में थारो मुखड़ो गुलाब सूं प्यारा,
थारे बिना म्हाने लागे सूना जग सारा।

थारी घूंघट वाली अदा बड़ी निराली,
म्हारे दिल ने भा गई थारी सूरत मतवाली।

घूंघट सरक्यो तो मुखड़ो नजर आयो,
लाग्यो जणूं चांद धरती पर उतर आयो।

घूंघट में बन्नी, हाथां में मेहंदी रचाई,
म्हारे आंगण में आज खुशियां आई।

घूंघट री ओट में थारी आंख्यां बोलै,
बिना शब्दां प्रेम री कहानी खोलै।

म्हारी बन्नी घूंघट में जब मुस्कावे,
म्हारो दिल हर बार थारे पे हार जावे।

लाल घूंघट और माथे पे बिंदिया प्यारी,
बन्नी लागे म्हाने सबसे न्यारी।

घूंघट में शरमाती म्हारी बन्नी रानी,
थारे सूं ही पूरी म्हारी प्रेम कहानी।

घूंघट री छांव में थारो रूप निखर्यो,
थाने देख म्हारो दिल प्रेम में संवर्यो।

घूंघट में छुपी थारी मीठी मुस्कान,
म्हारे वास्ते थारी ही दुनिया, थारी ही जान।

बन्नी घूंघट में जब धीरे-धीरे चालै,
थारी पायल री झंकार दिल ने संभालै।

घूंघट री ओट सूं थारो दीदार भयो,
उसी पल म्हाने थारे सूं प्यार भयो।

थारो घूंघट, थारी पायल, थारी मीठी बात,
म्हारे दिल ने बस थारो ही चाहिए साथ।

Ghoonghat Aur Parampara Shayari

घूंघट में छुपी सादगी हमारी पहचान है,
हमारी परंपराओं में बसा संस्कृति का सम्मान है।

घूंघट सिर्फ पर्दा नहीं, संस्कारों की निशानी है,
इसमें छुपी हमारी सदियों पुरानी कहानी है।

घूंघट की ओट में सादगी मुस्कुराती है,
हमारी परंपरा हर पीढ़ी को याद दिलाती है।

माथे की बिंदी और सिर पर घूंघट,
भारतीय संस्कृति का सुंदर है ये रूप।

घूंघट में लाज, आंखों में सम्मान,
यही तो है हमारी परंपरा की पहचान।

घूंघट में सजी नारी का रूप निराला है,
इसमें संस्कृति और संस्कारों का उजाला है।

घूंघट हमारी परंपरा का एक रंग है,
इसमें रिश्तों और संस्कारों का संग है।

घूंघट की ओट में झुकी हुई नजरें,
बड़ों के सम्मान की खूबसूरत तस्वीरें।

घूंघट में सादगी और दिल में संस्कार,
यही हमारी संस्कृति का सुंदर श्रृंगार।

घूंघट की परंपरा में सम्मान की बात है,
इसमें परिवार और रिश्तों का एहसास है।

घूंघट में छुपा चेहरा भले कम दिखता है,
मगर संस्कारों का उजाला दूर तक दिखता है।

घूंघट और बिंदी जब माथे पर सजती है,
भारतीय नारी की सुंदरता और निखरती है।

घूंघट में लिपटी हुई हमारी परंपरा,
पीढ़ियों से चली आ रही संस्कृति की धरोहर है।

घूंघट की ओट में शर्म और सम्मान है,
यही तो हमारी संस्कृति की पहचान है।

परंपरा के रंग में जब घूंघट सजता है,
हर रिश्ता अपनेपन से और निखरता है।

घूंघट में सजी दुल्हन जब आंगन में आती है,
अपने साथ संस्कारों की खुशियां लाती है।

घूंघट की लाज और रिश्तों का मान,
यही है भारतीय संस्कारों की पहचान।

घूंघट में छुपी सादगी बड़ी प्यारी लगती है,
हमारी परंपरा की तस्वीर न्यारी लगती है।

घूंघट केवल एक कपड़ा नहीं, भावनाओं का मान है,
इसमें जुड़ा परिवार और संस्कारों का सम्मान है।

घूंघट में परंपरा, आंखों में सम्मान,
यही है हमारी संस्कृति की खूबसूरत पहचान।

Sad Ghoonghat Shayari

घूंघट में छुपे आंसू कोई पढ़ न सका,
दिल टूटा था मगर वो किसी से कह न सका।

घूंघट में छुपा चेहरा आज भी याद आता है,
वो दूर है फिर भी दिल को बहुत सताता है।

घूंघट की ओट में उसने आंसू छुपा लिए,
मुस्कुराकर अपने सारे गम भुला दिए।

घूंघट में चेहरा था और आंखों में नमी,
दिल में दर्द था मगर होंठों पर खामोशी।

घूंघट उठाया तो आंखें नम मिलीं,
मोहब्बत की जगह आज बस यादें मिलीं।

घूंघट में छुपकर वो बहुत रोई थी,
शायद उसकी भी कोई अधूरी कहानी थी।

घूंघट की ओट में आंसू बहते रहे,
हम सामने थे फिर भी वो चुप रहते रहे।

कभी घूंघट में उसका चेहरा देखा था,
आज उसी चेहरे पर उदासी का पहरा देखा है।

घूंघट के पीछे छुपा था दर्द उसका,
हम समझ न सके दिल था कितना मजबूर उसका।

घूंघट में मुस्कुराती रही वो सारी रात,
आंखों ने मगर कह दी दिल की हर बात।

घूंघट की ओट में उसने नजरें झुका लीं,
शायद पुरानी यादों ने फिर आंखें रुला दीं।

घूंघट में छुपा चेहरा अब भी याद है,
मगर उस चेहरे पर आज किसी और का साथ है।

घूंघट उठने से पहले ही वो दूर हो गई,
हमारी मोहब्बत एक अधूरी कहानी हो गई।

घूंघट में उसकी आंखों की नमी देखी थी,
उस दिन पहली बार उसकी मजबूरी देखी थी।

घूंघट की ओट में वो दर्द छुपाती रही,
हम समझते रहे कि वो बस शर्माती रही।

कभी घूंघट में उसका इंतजार किया था,
आज उसी जगह अकेले आंसू बहाए हैं।

घूंघट में छुपी उसकी उदास आंखें,
आज भी दिल में छोड़ जाती हैं दर्द की बातें।

घूंघट में सजी थी वो किसी और के लिए,
हम खड़े थे अपनी अधूरी मोहब्बत लिए।

घूंघट उठा तो चेहरा मुस्कुरा रहा था,
मगर आंखों में कोई अपना बिछड़ रहा था।

घूंघट की ओट में आखिरी बार देखा उसे,
फिर जिंदगी भर के लिए खो दिया उसे।

Ghoonghat Mein Chupa Dard Shayari

घूंघट के पीछे छुपे आंसू बता गए,
मुस्कुराने वाले भी कभी-कभी टूट जाते हैं।

घूंघट में छुपा चेहरा मुस्कुरा तो रहा था,
मगर आंखों में दर्द साफ नजर आ रहा था।

घूंघट की ओट में आंसू छुपा लिए उसने,
दर्द को भी अपनी मुस्कान बना लिया उसने।

घूंघट में चेहरा था, आंखों में नमी थी,
होंठों पर खामोशी और दिल में कमी थी।

घूंघट के पीछे छुपा था दर्द बेहिसाब,
चेहरे पर मुस्कान थी, दिल में हजारों सवाल।

वो घूंघट में अपना दर्द छुपाती रही,
दुनिया के सामने बस मुस्कुराती रही।

घूंघट की ओट में जब आंखें नम हुईं,
समझ आया उसकी खुशियां कितनी कम हुईं।

घूंघट में छुपी आंखों ने सब कह दिया,
जो दर्द था दिल में, नजरों ने बयां कर दिया।

घूंघट में चेहरा छुपाकर वो रोती रही,
अपनी तकलीफ सबसे छुपाती रही।

घूंघट की आड़ में आंसू बहते रहे,
हम समझे वो शर्म से नजरें झुकाए रहे।

उसके घूंघट में सिर्फ चेहरा नहीं था,
उसके पीछे छुपा एक अधूरा सपना भी था।

घूंघट में मुस्कान थी, दिल में दर्द था,
उसकी खामोशी में छुपा कोई राज था।

घूंघट की ओट में वो उदास बैठी थी,
जैसे अपनी ही किस्मत से नाराज बैठी थी।

घूंघट में छुपा दर्द नजरों से छलक गया,
जो कहना था दिल ने, वो आंखों से कह गया।

घूंघट उठाया तो आंखें नम थीं,
चेहरे पर मुस्कान थी, मगर खुशियां कम थीं।

घूंघट में छुपकर उसने आंसू पोंछे,
और दुनिया के सामने हंसने के बहाने खोजे।

घूंघट के पीछे दर्द की कहानी थी,
चेहरे पर मुस्कान मगर आंखों में पानी था।

घूंघट में सजी थी, मगर दिल उदास था,
उसके चेहरे के पीछे छुपा कोई गहरा एहसास था।

घूंघट की ओट में दर्द छुपाती रही,
अपने टूटे दिल को खुद ही समझाती रही।

घूंघट में छुपा उसका दर्द कौन समझता,
उसकी खामोश आंखों को कौन पढ़ता।

Ghoonghat Shayari Quotes

घूंघट में छुपा चेहरा, आंखों में प्यार,
यही है मोहब्बत का सबसे खूबसूरत इजहार।

घूंघट की ओट में शर्माती हुई मुस्कान,
दिल जीत लेती है बिना कहे ही जान।

घूंघट में छुपा उसका हसीन चेहरा,
जैसे बादलों में छुपा चांद सुनहरा।

घूंघट की ओट से जब नजरें मिलती हैं,
दिल में मोहब्बत की कलियां खिलती हैं।

लाल घूंघट में सजी दुल्हन का रूप,
जैसे धरती पर उतर आया हो चांद का स्वरूप।

घूंघट केवल चेहरा नहीं छुपाता,
कभी-कभी इसमें प्यार भी मुस्कुराता है।

घूंघट में झुकी आंखें और चेहरे पर लाज,
भारतीय नारी के रूप का है ये अंदाज।

घूंघट में छुपी मोहब्बत आंखों से झलकती है,
खामोशी में भी दिल की बातें कहती है।

घूंघट की हल्की सी ओट और प्यारी सी मुस्कान,
इन दोनों पर कुर्बान मेरा दिल और जान।

घूंघट उठे तो चांद भी शर्मा जाए,
ऐसा हसीन चेहरा हर किसी को कहां मिल पाए।

घूंघट में सजी दुल्हन जब घर में आती है,
अपने साथ खुशियों की सौगात लाती है।

घूंघट की ओट में छुपा प्यार निराला है,
उसकी एक नजर ने दिल को अपना बना डाला है।

घूंघट में चेहरा और आंखों में नूर,
उसकी एक झलक कर दे दिल को मजबूर।

घूंघट की ओट से उसका मुझे देखना,
मेरे लिए है इश्क का सबसे हसीन सपना।

घूंघट में शर्माती दुल्हन का रूप निराला,
उसकी सादगी ने हर दिल को मतवाला कर डाला।

घूंघट में छुपी आंखों का जादू ऐसा है,
जिसे देखे बिना दिल को चैन नहीं मिलता।

घूंघट और मेहंदी से सजा दुल्हन का रूप,
शादी के हर पल को बना दे खूबसूरत स्वरूप।

घूंघट में छुपा दर्द भी आंखों से बोलता है,
हर मुस्कान के पीछे कोई राज होता है।

घूंघट की ओट में सादगी और प्यार है,
यही तो इस खूबसूरत परंपरा का श्रृंगार है।

घूंघट में छुपा चेहरा जब मुस्कुराता है,
दिल को मोहब्बत का एहसास कराता है।

Conclusion

Ghonghat Shayari में प्यार, शर्म, खूबसूरती और भारतीय परंपरा की खूबसूरत झलक देखने को मिलती है। इस संग्रह में आपको Love, Romantic, Bridal, Sad, Short और 2 Line Ghonghat Shayari के अलग-अलग विकल्प मिले होंगे। आप अपनी पसंद की शायरी को WhatsApp Status, Instagram Caption या Facebook Post के रूप में आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। उम्मीद है कि आपको यह Ghonghat Shayari का संग्रह पसंद आया होगा और आपकी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए इसमें सही शायरी जरूर मिली होगी।

FAQs

honghat Shayari kya hoti hai?

Ghonghat Shayari mein ghoonghat, pyaar, sharm, khoobsurti aur Bharatiya parampara se judi feelings ko shayari ke roop mein bayan kiya jata hai.

Ghoonghat Par Shayari kahan use kar sakte hain?

Aap Ghoonghat Par Shayari ko WhatsApp Status, Instagram Caption, Facebook Post aur wedding photos ke saath use kar sakte hain.

Kya Ghoonghat Shayari Hindi mein mil sakti hai?

Haan, Ghoonghat Shayari Hindi mein Love, Romantic, Bridal, Sad, Short aur 2 Line formats mein likhi ja sakti hai.

Dulhan Ke Ghoonghat Par Kaunsi Shayari likhen?

Dulhan ke ghoonghat par romantic, khoobsurti aur sharm se judi Shayari wedding photos aur bridal captions ke liye achhi rahti hai.

2 Line Ghoonghat Shayari kya hoti hai?

2 Line Ghoonghat Shayari chhoti aur expressive shayari hoti hai, jise Instagram Caption ya WhatsApp Status ke liye aasani se use kiya ja sakta hai.

Ghoonghat Shayari for WhatsApp Status kaise use karein?

Aap apni pasand ki Ghoonghat Shayari ko copy karke WhatsApp Status par directly laga sakte hain.

Bridal Ghoonghat Shayari kya hoti hai?

Bridal Ghoonghat Shayari dulhan, shaadi, ghoonghat, sharm aur bridal beauty se judi romantic aur emotional feelings ko express karti hai.

Kya Ghoonghat Shayari Instagram ke liye use kar sakte hain?

Haan, Short aur 2 Line Ghoonghat Shayari Instagram Caption, Reel Caption aur bridal photo captions ke liye use ki ja sakti hai.

Ghoonghat Shayari mein kin emotions ko express kiya jata hai?

Ghoonghat Shayari mein pyaar, romance, sharm, khoobsurti, judaai, dard, shaadi aur parampara jaise emotions ko express kiya jata hai.

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