कुमाऊँनी शायरी पहाड़ों की माटी, पहाड़ी जिंदगी अर मन की भावनाओं से निकळि एक मीठी बोली छ। यामैं प्यार, अपनापन, दोस्ती, जुदाई अर पहाड़ की याद जैं भावनाओं का सुंदर रंग देखण मिलछ। कुमाऊँ की सादी जिंदगी, हरे-भरे पहाड़, गाँव की गलियाँ अर अपण लोगन की याद शायरी कू और भी खास बणाछ।
यै collection मँ तुमैं Love, Sad, Romantic, Friendship, Pahadi अर Emotional Kumaoni Shayari मिलली। साथ ही 2 Line, Short अर WhatsApp Status खातर भी सुंदर कुमाऊँनी शायरी दी गई छ, जैं तुम अपणा मन की बात कम शब्दों मँ बखूबी कहि सकछ।
पहाड़ों की खुशबू वाली Kumaoni Shayari
कुमाऊँ की मिट्टी की खुशबू ऐसी है,
दूर रहो फिर भी दिल के पास जैसी है।
पहाड़ों की हवा में एक अलग ही बात है,
कुमाऊँ की मिट्टी में अपनों की सौगात है।
बुरांश की खुशबू, देवदार की छाँव,
कुमाऊँ से प्यारा नहीं कोई गाँव।
पहाड़ की पगडंडी और मिट्टी की खुशबू,
दिल में बसी है अपने कुमाऊँ की आरज़ू।
ठंडी हवा जब चेहरे को छू जाती है,
कुमाऊँ की याद दिल में उतर जाती है।
पहाड़ों की सुबह, सूरज की किरण,
कुमाऊँ की धरती लगे जैसे स्वर्ग का आँगन।
चीड़ के जंगल और बादलों का डेरा,
कुमाऊँ जैसा खूबसूरत नहीं कोई बसेरा।
माटी की खुशबू और पहाड़ी बोली प्यारी,
कुमाऊँ की याद आती है सबसे न्यारी।
पहाड़ों में बहती हवा कहती है यही,
अपनी मिट्टी से बढ़कर दुनिया में कुछ नहीं।
बुरांश खिले तो रंग छा जाए,
कुमाऊँ की धरती दिल को भा जाए।
पहाड़ की चोटी, बादलों का साथ,
कुमाऊँ की याद रहे दिन-रात।
नदियों का पानी और जंगलों की छाँव,
कुमाऊँ की मिट्टी से जुड़ा हर गाँव।
पहाड़ी हवा में अपनापन मिलता है,
कुमाऊँ का हर रास्ता अपना लगता है।
मिट्टी की खुशबू दिल को सुकून देती है,
कुमाऊँ की याद आँखों में नमी देती है।
घास की खुशबू, खेतों की हरियाली,
कुमाऊँ की धरती सबसे निराली।
दूर शहर में रहकर भी दिल वहीं रहता है,
जहाँ कुमाऊँ की मिट्टी से रिश्ता कहता है।
देवदार की खुशबू और पहाड़ों का प्यार,
कुमाऊँ की धरती है दिल का संसार।
पहाड़ी रास्ते चाहे कितने भी कठिन हों,
कुमाऊँ में कदम पड़ें तो सफर हसीन हों।
बादलों से बातें करती पहाड़ों की चोटियाँ,
कुमाऊँ की यादों में बीतें सारी रातें।
अपनी बोली, अपनी माटी, अपना पहाड़,
कुमाऊँ से जुड़ा है दिल का हर तार।
Kumaoni Love Shayari
जनम-जनम तक तेरो साथ मांगूं,
हर जन्म में बस तेरै प्यार को नाम मांगूं।
तेरि मुस्कान देखिक मन मेरो खिलि जांछ,
तेरि याद आय त दिल मेरो बहकि जांछ।
तू पास हो या दूर, दिल में बसि रौछ,
मेरो हर सपना बस तेरि खातिर सजि रौछ।
तेरि आँख्यौं में जे प्यार दिखांछ,
मेरो मन हर बार तेरै पै हारि जांछ।
पहाड़ों की ठंडी हवा जैसी तेरि बात,
तेरि यादों में बीतूं मैं दिन अर रात।
तेरि हँसी सुनिक दिल में बहार ऐ जांछ,
तेरि एक झलक सारा गम भुला जांछ।
चाँदनी रात में तेरो ख्याल ऐ जांछ,
मेरो दिल चुपचाप तेरो नाम गुनगुनांछ।
तेरो प्यार मेरो सबसे प्यारा एहसास,
तू रहन मेरो संग, बस इत्ती सी आस।
कुमाऊँ की वादियों में तेरो साथ मिलि जाए,
जिंदगी की हर खुशी अपने आप मिलि जाए।
तेरि बातों में ऐसी मिठास छ,
जैं पहाड़ी झरने में पानी की प्यास छ।
तेरो नाम सुनिक दिल मुस्कुरा उठछ,
तेरो प्यार मिलिक जीवन संवरि उठछ।
तू मेरो सपना, तू मेरो प्यार छ,
तेरि खातिर धड़कण हर बार तैयार छ।
पहाड़ों की राहों में तेरो हाथ पकड़िक चलूं,
जिंदगी भर बस तेरै संग हँसिक रहूं।
तेरि याद पहाड़ी हवा जैं मन छुं जांछ,
बिना बोले भी दिल तेरै पास ऐ जांछ।
तेरो साथ मिल्यो तो दुनिया प्यारी लागी,
तेरि मोहब्बत से जिंदगी हमारी लागी।
बुरांश जैं लाल छ मेरो प्यार तेरै खातिर,
हर धड़कण लिखी छ बस तेरो नाम खातिर।
तेरि आँख्यौं में जो सपना देखूं,
उसी सपने में हर रोज तेरै संग रहूं।
तू मिलि ग्ये तो किस्मत पे नाज हो ग्यो,
तेरो प्यार मिलिक दिल आबाद हो ग्यो।
कुमाऊँ की मिट्टी जैं तेरो प्यार सोंधो लागछ,
तेरै बिना ये दिल अधूरो लागछ।
तू हँसि दे तो दिन मेरो बनि जांछ,
तू रूठि जाए तो दिल उदास हो जांछ।
Kumaoni Romantic Shayari
तू मेरो आज भी, तू मेरो कल भी,
तेरै प्यार में बीतै मेरी हर पल की जिंदगी।
तेरि आँख्यौं में डूबण को मन करछ,
तेरि बाँहौं में जिंदगी बिताण को मन करछ।
तेरि मुस्कान में ऐसी मिठास छ,
मेरो दिल आज भी तेरै प्यार को प्यास छ।
रात चाँदनी हो या पहाड़ों में अँधार,
तेरो साथ मिल जाए तो हर पल प्यार।
तेरि नजर पड़ते ही दिल धड़कण लागछ,
तेरो नाम लेते ही चेहरो खिलण लागछ।
पहाड़ी हवा जैं तेरो स्पर्श प्यारा लागछ,
तेरै संग बितायो हर पल न्यारा लागछ।
तेरि जुल्फौं की छाँव में खो जाऊँ,
तेरो नाम लेते-लेते तेरै हो जाऊँ।
चाँद भी शरमा जांछ तेरो मुखड़ो देखिक,
मेरो दिल धड़कछ तेरै नैण देखिक।
तेरो हाथ हाथ में हो तो डर कैसो,
तेरो प्यार साथ हो तो सफर कैसो।
कुमाऊँ की वादियों में तेरो संग घूमूं,
हर पल तेरो प्यार में धीरे-धीरे झूमूं।
तेरि हँसी सुनिक मन बहकि जांछ,
तेरि नजदीकी में दिल ठहरि जांछ।
तेरो चेहरो चाँद से भी प्यारा लागछ,
तेरो साथ हर सपना हमारा लागछ।
तेरि बातों में खोण लागो मन,
तेरै प्यार में सजण लागो जीवन।
पहाड़ों की रात, चाँदनी का नूर,
तेरो साथ हो तो दुनिया लगे भरपूर।
तेरि एक झलक दिल चुरा लेछ,
तेरि एक मुस्कान जिंदगी सजा देछ।
बुरांश खिल्यो वादियों में आज,
तेरै प्यार ने रंग दियो मेरो दिल आज।
तेरि धड़कण सुनण को मन करछ,
हर पल तेरै पास रहण को मन करछ।
तेरो नाम जब होंठौं पै ऐ जांछ,
दिल में मीठो-मीठो एहसास भरि जांछ।
तेरै संग पहाड़ी राहौं पै चलूं,
हर मोड़ पै तेरो हाथ पकड़िक चलूं।
तेरो प्यार मिल्यो तो सब मिल ग्यो,
मेरो सूणो दिल भी फूल जैं खिल ग्यो।
Kumaoni Sad Shayari
तेरै बिना जीणा सीख तो ग्यौं,
पर खुश रहणा आज भी नि सीख पायौं।
तेरि याद आज भी मन में उठछ,
पर तेरो नाम लेण में अब दर्द होछ।
पहाड़ों की हवा तो आज भी वैसी छ,
बस तेरो साथ न होण की कमी छ।
तेरै बिना ये दिल उदास रहछ,
हँसण की कोशिश करूं, पर आँसू बहछ।
जिस राह पै तेरै संग चल्या था,
आज वही राह अकेली लागछ।
तेरि यादों को बोझ दिल में उठायूं,
हँसण की कोशिश करूं, पर भीतर से टूट जाऊँ।
पहाड़ों की चोटी दूर से सुंदर लागछ,
पर तेरै बिना हर खुशी अधूरी लागछ।
तू दूर ग्ये तो मन भी सूणो हो ग्यो,
हँसतो चेहरो भी आँसुओं में खो ग्यो।
तेरै संग बितायो हर पल याद ऐ जांछ,
रात पड़ते ही दिल और उदास हो जांछ।
कुमाऊँ की ठंडी हवा जब छू जांछ,
तेरि पुरानी याद दिल में फिर उठ जांछ।
तेरै बिना बातौं में वो मिठास नि रई,
दिल में अब पहले जैसी आस नि रई।
तेरो इंतजार करते-करते शाम हो ग्यी,
आँख्यौं में नमी और दिल में उदासी हो ग्यी।
जिसको अपना समझिक दिल दियो था,
उसी ने दिल को सबसे ज्यादा दुख दियो था।
पहाड़ों में बादल घिरि आयो आज,
जैं मेरो दिल भी रोण चाहै आज।
तेरै जाने के बाद समझ में आयो,
अपना कोई दूर हो जाए तो दर्द कैसो होछ।
तेरि तस्वीर देखिक मुस्कुराऊँ जरूर,
पर भीतर से दिल रहछ बहुत मजबूर।
तू लौटि आवे, बस इत्ती सी चाहत छ,
आज भी तेरै नाम की दिल में आहट छ।
रात की खामोशी में तेरो ख्याल ऐछ,
आँख बंद करूं तो तेरो चेहरो दिखछ।
तेरो साथ छूटा तो सब कुछ छूट ग्यो,
मेरा हँसतो मन भी जैसे रूठ ग्यो।
पहाड़ की मिट्टी से जुड़ो दिल मेरा,
पर तेरै बिना सूणो लागछ संसार मेरा।
Kumaoni Pahadi Shayari
चाहे दुनिया में कहीं भी रहूं मैं,
मेरो दिल हमेशा कुमाऊँ में रहछ।
पहाड़ों की हवा में अपनापन मिलछ,
कुमाऊँ की माटी में सुकून मिलछ।
बुरांश की खुशबू, देवदार की छाँव,
कुमाऊँ की धरती में बसछ मेरो गाँव।
पहाड़ों की पगडंडी, खेतों की हरियाली,
कुमाऊँ की माटी सबसे न्यारी-निराली।
ठंडी हवा जब चेहरे को छू जांछ,
कुमाऊँ की याद दिल में उतर जांछ।
ऊँची-ऊँची चोटी, बादलों का साथ,
पहाड़ों में बीतै जिंदगी के दिन-रात।
पहाड़ी बोली में मिठास ऐसी छ,
हर शब्द में अपनों की आस जैसी छ।
चीड़ के जंगल, नदियों की रवानी,
कुमाऊँ की धरती अपनी कहानी।
पहाड़ों की सुबह बड़ी प्यारी लागछ,
सूरज की पहली किरण मन भा जांछ।
माटी की खुशबू दिल में बसि जांछ,
दूर रहिक भी पहाड़ याद ऐ जांछ।
कुमाऊँ की वादियों में जो सुकून मिलछ,
वो दुनिया के किसी कोने में नि मिलछ।
पहाड़ी रास्ते कठिन जरूर होछ,
पर हर मोड़ पै खूबसूरत नजारा होछ।
बादल पहाड़ों से गले मिलण लागछ,
देखिक मन भी खुशी से खिलण लागछ।
खेतों में हरियाली, आँगन में प्यार,
कुमाऊँ की माटी सबसे खास संसार।
पहाड़ों का पानी, पहाड़ों की जवानी,
कुमाऊँ की धरती की अपनी कहानी।
देवदार की खुशबू जब हवा में घुलछ,
पहाड़ों में मन अपना आपै खिलछ।
चाँदनी रात और तारों की बारात,
पहाड़ों में सुंदर लागछ हर बात।
अपनी बोली, अपनी माटी, अपना गाँव,
कुमाऊँ से जुड़ो है दिल का हर भाव।
शहर की भीड़ में मन घबराण लागछ,
पहाड़ों की याद आते ही सुकून मिलण लागछ।
बुरांश खिलै तो पहाड़ रंगीन हो जांछ,
कुमाऊँ की खूबसूरती दिल में बस जांछ।
Kumaoni Shayari on Nature & Mountains
कुदरत ने प्यार से सजायो पहाड़,
इसीलिए कुमाऊँ लागछ दिल को बार-बार।
पहाड़ों की चोटी बादलन से मिलछ,
कुमाऊँ की धरती देख मन खिलछ।
देवदार की छाँव में बैठिक जो सुकून मिलछ,
वो बड़े शहरन में कहाँ मिलछ।
बुरांश खिलछ तो पहाड़ रंगीन हो जांछ,
कुमाऊँ की वादियों में दिल खो जांछ।
ठंडी-ठंडी हवा जब चेहरे पै छू जांछ,
पहाड़ों की याद दिल में बसि जांछ।
झरनों को पानी मधुर गीत सुनांछ,
कुमाऊँ की प्रकृति मन मोह जांछ।
हरियाली से ढकी पहाड़ों की ढलान,
कुदरत ने सजायो सुंदर जहान।
बादल पहाड़न की चोटियों पै ठहर जांछ,
देखिक ये नजारा मन मुस्कुरांछ।
चीड़ की खुशबू हवा में घुल जांछ,
पहाड़ों की सुंदरता दिल में उतर जांछ।
सूरज की किरण जब पहाड़न पै पड़छ,
हर घाटी सोने जैं चमकण लागछ।
नदियों की कल-कल, पंछियों की तान,
कुमाऊँ की प्रकृति है सबसे महान।
पहाड़ी सुबह में अलगै उजास छ,
हर तरफ कुदरत का सुंदर एहसास छ।
चाँदनी रात में पहाड़ चमकण लागछ,
तारों को झिलमिल आसमान सजांछ।
हर मोड़ पै नया नजारा मिलछ,
कुमाऊँ की वादियों में दिल को सहारा मिलछ।
पहाड़ों की खामोशी भी बात करछ,
मन के हर दर्द को आराम करछ।
फूलन की खुशबू, पवन की रवानी,
कुमाऊँ की धरती की सुंदर कहानी।
घाटी में उतरै जब सुबह को कोहरा,
पहाड़ लगे जैसे सपनौं का बसेरा।
झरना बहिक कहछ धीमे-धीमे बात,
प्रकृति के संग बिताओ जिंदगी के हर रात।
पहाड़ों की ऊँचाई देख मन कहछ,
कुदरत के आगे हर घमंड छोटो रहछ।
हरियाली, बादल, नदी और पहाड़,
कुमाऊँ की प्रकृति सबसे शानदार।
Kumaoni Shayari on Village Life
कुमाऊँ का गाँव मेरो गर्व और पहचान छ,
यहीं की माटी में मेरो असली जहान छ।
गाँव की माटी में अलगै खुशबू छ,
कुमाऊँ की जिंदगी में अलगै सुकून छ।
सुबह-सुबह चिड़ियों की आवाज सुनाई देछ,
पहाड़ी गाँव में हर दिन नया रंग लाई देछ।
खेतों की हरियाली, आँगन में प्यार,
गाँव की जिंदगी सबसे सुंदर संसार।
पहाड़ी गाँव की पगडंडी प्यारी लागछ,
हर मोड़ पै बचपन की याद जगांछ।
चूल्हे की आँच और घर का खाना,
गाँव में बीतल बचपन सबसे सुहाना।
आँगन में बैठिक जब परिवार हँसछ,
पहाड़ी गाँव का हर कोना खिलछ।
खेतों में मेहनत, माथे पै पसीना,
गाँव की जिंदगी में सच्चा है जीना।
गौशाला की घंटी, मंदिर की घंटी,
गाँव की सुबह लागछ सबसे निराली।
पहाड़ी घर, मिट्टी की दीवार,
अपनों के संग हर दिन त्योहार।
दादी की बातें और माँ का प्यार,
गाँव की यादें दिल में रहें हर बार।
शाम ढले जब सूरज पहाड़न के पीछे जांछ,
गाँव की गलियों में सुकून उतरि आंछ।
खेतों की मेड़ और पगडंडी का रास्ता,
गाँव में मिलता है अपनापन सच्चा।
लकड़ी की खुशबू, चूल्हे का धुआँ,
गाँव की याद कर दे मन को जवाँ।
पहाड़ों में बसा छोटो सा गाँव,
वहीं बसछ मेरो दिल का हर भाव।
न बिजली की चमक, न शहरों की भीड़,
गाँव की शांति ही सबसे बड़ी जीत।
आँगन में तुलसी, छत पै धूप,
गाँव की जिंदगी लागछ सबसे खूब।
खेतों में लहराती फसल जब मुस्कुरांछ,
किसान को मेहनत का फल मिल जांछ।
गाँव की गलियों में बचपन खेल्यो था,
उन्हीं यादन में आज भी दिल खोयो छ।
शहर की रौनक चाहे जितनी प्यारी हो,
गाँव की माटी दिल को सबसे न्यारी हो।
2 Line Kumaoni Shayari
तेरि याद पहाड़ी हवा जैं दिल छू जांछ,
तेरो नाम लेते ही चेहरो खिल जांछ।
कुमाऊँ की माटी में जो सुकून मिलछ,
वो दुनिया के किसी कोने में नि मिलछ।
तेरि आँख्यौं में देखिक दिल हारि ग्यौं,
तेरो प्यार मिल्यो तो जिंदगी संवारि ग्यौं।
पहाड़ों की ठंडी हवा बड़ी प्यारी लागछ,
कुमाऊँ की हर याद दिल को न्यारी लागछ।
बुरांश खिल्यो तो पहाड़ रंगीन हो ग्यो,
तेरो प्यार मिल्यो तो दिल हसीन हो ग्यो।
तेरै बिना ये मन सूणो-सूणो लागछ,
भीड़ में भी दिल अकेलो लागछ।
पहाड़ी बोली में मिठास ऐसी छ,
हर शब्द में अपनों की आस जैसी छ।
तेरो साथ मिल्यो तो डर कैसो,
तेरो हाथ हाथ में हो तो सफर कैसो।
देवदार की छाँव में सुकून मिलछ,
तेरि याद में भी दिल को जुनून मिलछ।
पहाड़ों की चोटी बादलन से मिलछ,
कुमाऊँ की धरती देख मन खिलछ।
तेरि हँसी सुनिक मन बहकि जांछ,
तेरि एक झलक से दिल धड़कण लागछ।
गाँव की पगडंडी बचपन याद करांछ,
कुमाऊँ की माटी दिल में प्यार जगांछ।
चाँदनी रात और पहाड़ों की छाँव,
तेरै संग मिल जाए तो सुंदर हर गाँव।
तेरो नाम मेरो दिल में बसि ग्यो,
तेरो प्यार मिलिक जीवन हँसि ग्यो।
पहाड़ों की खामोशी भी बहुत कुछ कहछ,
जो दिल नि कह पांछ, वो कुदरत कहछ।
तेरै संग हर राह आसान लागछ,
तेरै बिना हर खुशी वीरान लागछ।
अपनी माटी, अपनी बोली, अपना पहाड़,
कुमाऊँ से जुड़ो है दिल का हर तार।
तेरि याद आय तो आँख्यौं में नमी ऐछ,
दिल आज भी तेरै लौटण की आस रखछ।
पहाड़ी हवा जैं तेरो प्यार सोंधो लागछ,
तेरै बिना जीवन अधूरो लागछ।
जहाँ कुमाऊँ की माटी, वहीं मेरो दिल छ,
इस पहाड़ी धरती से ही मेरो असली रिश्ता छ।
Kumaoni Shayari for Friendship
जिंदगी चाहे जहाँ ले जाए हमको,
दोस्ती हमारी हमेशा जोड़िक राखो हमको।
यारी हो तो पहाड़न जैं मजबूत हो,
सुख-दुख में संग दे, ऐसी दोस्ती खास हो।
तेरो जैं दोस्त मिल ग्यो जिंदगी में,
हर मुश्किल भी आसान लागछ जिंदगी में।
पहाड़ी हवा जैं तेरो साथ सुकून देछ,
सच्चो दोस्त हर दुख में हिम्मत देछ।
कुमाऊँ की माटी जैं पक्की यारी हो,
हर जन्म में तेरै संग दोस्ती हमारी हो।
हँसी हो या आँसू, संग रहिब हम,
दोस्ती की खातिर हर मुश्किल सहिब हम।
पहाड़ों की चोटी जैं ऊँची यारी,
तेरै जैं दोस्त की कीमत सबसे न्यारी।
गाँव की पगडंडी जैं सीधी छ यारी,
दिल से निभाई दोस्ती सबसे प्यारी।
तेरै संग बितायो हर पल खास लागछ,
तेरी दोस्ती से जीवन खुशहाल लागछ।
चाय की चुस्की और दोस्तों की बात,
पहाड़ी गाँव में बन जांछ यादगार रात।
दोस्त तू साथ छ तो चिंता कै बात,
मिलिक हँस लेंगे चाहे कैसी हो रात।
पहाड़ों में गूंजै हमारी हँसी,
दोस्ती हमारी रहै हमेशा ऐसी।
सच्चो दोस्त वही जो साथ नि छोड़छ,
मुश्किल समय में हाथ पकड़िक जोड़छ।
कुमाऊँ की वादियों जैं प्यारी यारी,
तेरै संग हर घड़ी लागछ न्यारी।
तू दोस्त नि, मेरो भाई जैं छ,
तेरै बिना हर खुशी अधूरी जैं छ।
चाहे राह कठिन हो या सफर लंबो,
सच्चे दोस्त संग दिल रहछ मजबूत।
तेरि दोस्ती मेरो गर्व छ यारा,
तू मिल्यो तो जीवन लागछ प्यारा।
पहाड़ी रास्तन में साथ चल्या हम,
हँसते-हँसते हर गम भूल्या हम।
दोस्ती में न मतलब, न कोई हिसाब,
बस दिल से दिल का रहै जवाब।
कुमाऊँ की माटी की सौंधी खुशबू जैं,
तेरि यारी लागछ मन को सुकून जैं।
Kumaoni Shayari on Family & Apnapan
जहाँ माँ-बुबू और अपनों का साथ छ,
वहीं मेरो घर, वहीं मेरो सच्चो पहाड़ छ।
अपनों का साथ हो तो घर स्वर्ग जैं लागछ,
परिवार के प्यार से हर दुख दूर भागछ।
माँ की ममता, बुबू का प्यार,
परिवार ही छ जिंदगी का सच्चो आधार।
कुमाऊँ की माटी में अपनों का प्यार बसछ,
घर की हर याद दिल में मिठास भरछ।
परिवार संग बैठिक जब हँसी-मजाक होछ,
तब छोटो सा घर भी पूरा संसार होछ।
पहाड़ी घर की रौनक अपनों से छ,
हर खुशी परिवार के सपनों से छ।
माँ के हाथ का खाना, बुबू की मीठी बात,
अपनों संग बीतै जिंदगी की सबसे प्यारी रात।
घर की चौखट पै मिलछ सच्चो अपनापन,
अपनों के बीच ही मिलछ दिल को चैन।
कुमाऊँ का गाँव और अपनों का प्यार,
इनसे सुंदर नि कोई संसार।
रिश्ते चाहे दूर हो जाएँ समय के साथ,
अपनों का प्यार हमेशा रहछ दिल के साथ।
परिवार की हँसी से आँगन खिल जांछ,
घर का हर कोना खुशियों से भर जांछ।
माँ की दुआ और बुबू का आशीर्वाद,
जीवन में इनसे बढ़कर कुछ नि खास।
पहाड़ों की ठंडी हवा, घर की गरमाहट,
अपनों के संग मिलछ जिंदगी की राहत।
भाई-बहन की नोकझोंक बड़ी प्यारी होछ,
इन्हीं यादन में जिंदगी सारी होछ।
घर से दूर रहिक भी घर याद ऐछ,
अपनों की आवाज दिल को छू जांछ।
कुमाऊँ की बोली और परिवार की बातें,
दिल में बसि जांछ बचपन की यादें।
रिश्तों में प्यार हो, दिल में सम्मान हो,
परिवार संग हर दिन खुशियों का त्योहार हो।
अपनों के संग बैठण को मजा ही अलग छ,
बिना बोले भी दिल को सब समझ आंछ।
घर की मिट्टी माथे पै लग जाए अगर,
दूर रहिक भी अपना लागछ हर शहर।
परिवार मेरो हिम्मत, परिवार मेरो मान,
अपनों के प्यार से ही सुंदर मेरो जहान।
Kumaoni Shayari on Pahad Chhodne Ka Dard
एक दिन फिर लौटूंगा अपने गाँव,
कुमाऊँ की माटी में रखूंगा फिर पाँव।
पहाड़ छोड़िक शहर की राह पकड़ि ली,
पर दिल ने कुमाऊँ की माटी कब छोड़ी।
कुमाऊँ की पगडंडी पीछे छूटि ग्यी,
आँख्यौं में पहाड़ों की तस्वीर बसि रई।
रोजी-रोटी खातिर पहाड़ छोड़ण पड़ो,
पर मन आज भी अपने गाँव में अटको छ।
शहर की भीड़ में लाखों लोग मिलछ,
पर पहाड़ जैसा अपनापन कहाँ मिलछ।
घर की चौखट छोड़िक दूर ऐ ग्यौं,
पर माँ-बुबू की यादन में रोज लौटि ग्यौं।
पहाड़ की हवा अब सपनौं में मिलछ,
कुमाऊँ की माटी यादों में महकछ।
गाँव की वो पगडंडी याद ऐछ,
जहाँ बचपन हर कदम पै साथ चलछ।
शहर में ऊँची इमारत खूब छ,
पर अपने पहाड़ जैसा सुकून कहाँ छ।
बुरांश के फूल अब तस्वीरन में देखूं,
पर मन करछ उड़िक अपने पहाड़ पहुंचूं।
पहाड़ छोड़ण को दर्द वही समझछ,
जो अपनों से दूर रहिक जिंदगी जीछ।
घर से निकलते आँख्यौं भरि आयीं,
पहाड़ की यादन ने फिर नींद उड़ाईं।
कुमाऊँ की बोली सुनते ही दिल भरि जांछ,
लगता छ जैसे अपना गाँव पास ऐ जांछ।
शहर की जिंदगी में सब कुछ मिल ग्यो,
बस पहाड़ों वाला अपनापन कहीं छूट ग्यो।
खेतों की मेड़ और आँगन की वो धूप,
आज भी याद आवछ हर छोटी सी रूप।
पहाड़ से दूर हूँ, पर पहाड़ दिल में छ,
मेरो गाँव आज भी मेरी हर धड़कन में छ।
परदेश की कमाई भले घर चलांछ,
पर पहाड़ की याद हर रात रुलांछ।
बचपन की गलियाँ अब दूर हो ग्यीं,
यादों की पोटली मगर साथ हो ग्यी।
कुमाऊँ छोड़िक दुनिया देखण निकल ग्यौं,
पर अपनी माटी से कभी दूर नि हो पायौं।
पहाड़ की चुप्पी अब बहुत याद ऐछ,
शहर के शोर में मन हर दिन थक जांछ।
Kumaoni Attitude Shayari
कुमाऊँ मेरो गर्व, पहाड़ मेरो अभिमान,
यही छ मेरी पहचान, यही छ मेरी शान।
पहाड़ों जैं सीधी छ मेरी चाल,
कुमाऊँ की माटी जैं ऊँचो छ मेरो ख्याल।
हम पहाड़ी छौं, दिल से जीण जाणूं,
झूठी शान खातिर कभी नि झुकण जाणूं।
कुमाऊँ की माटी में पल्यो-बढ़्यो छौं,
इसलिए अपनी पहचान पै गर्व करूं।
पहाड़ की चोटी जैं ऊँचो रखूं मान,
अपनी बोली और माटी मेरी पहचान।
बात कम करूं, काम ज्यादा करूं,
पहाड़ी छौं, अपना रास्ता खुद बनाऊँ।
हमसे प्यार करोगे तो दिल से निभांछौं,
दुश्मनी करोगे तो दूर ही राखांछौं।
पहाड़ी खून में हिम्मत की कमी नि,
मुश्किल कितनी भी हो, कदम रुकण नि।
कुमाऊँ की हवा में पल्यो छ मेरो अंदाज,
अपनी मर्जी से जीण ही मेरो राज।
न शहर की चमक चाहिए, न झूठो सम्मान,
पहाड़ी पहचान ही मेरो सबसे बड़ा मान।
पहाड़ जैसा दिल और इरादा मजबूत,
जो सामने आयो, कर द्यांछौं खुद से मुकाबला खूब।
अपनी बोली बोलूं, अपनी माटी पै नाज,
पहाड़ी छौं साहब, यही छ मेरो अंदाज।
भीड़ में चलण की आदत नि छ मेरी,
अपनी राह खुद बनांछौं जिंदगी मेरी।
पहाड़ की चोटी पै खड़ो रहूं शान से,
कुमाऊँ का नाम लूं पूरे मान से।
जो दिल में छ, वही जुबान पै लांछौं,
पहाड़ी छौं, बात घुमा के नि करांछौं।
हमारी सादगी को कमजोरी मत समझण,
पहाड़ी शांत जरूर, पर कमजोर कभि नि।
कुमाऊँ की माटी से मिली पहचान,
इसी के दम पै ऊँचो रखूं अपना मान।
दुनिया चाहे कुछ भी कहती रहै,
पहाड़ी अपने अंदाज में जीता रहै।
तेरी नजर में साधारण हो सकूं,
पर अपनी नजर में पहाड़ जैसा मजबूत छौं।
न दिखावा पसंद, न झूठी बात,
पहाड़ी दिल में साफ छ हर बात।
Kumaoni Shayari for WhatsApp Status
पहाड़ी छौं और पहाड़ी रहिब,
अपनी माटी का मान हमेशा रखिब।
कुमाऊँ की माटी से जुड़ो छ मेरो मन,
पहाड़ों में बसछ मेरो सुकून और जीवन।
पहाड़ी छौं, अपनी बोली पै नाज छ,
कुमाऊँ मेरो प्यार, कुमाऊँ मेरो राज छ।
पहाड़ की हवा जैं आजाद रहण छ,
अपनी मर्जी से जिंदगी जीण छ।
बुरांश खिल्यो, पहाड़ मुस्कुरायो,
कुमाऊँ की याद ने मन बहलायो।
दूर शहर में रहूं चाहे कितनो भी,
मेरो दिल कुमाऊँ में रहछ आज भी।
अपनी माटी, अपनी बोली, अपना पहाड़,
इनसे बढ़कर नि कोई संसार।
पहाड़ी दिल साफ, इरादे मजबूत,
जिंदगी जीण को अंदाज भी खूब।
कुमाऊँ की वादियाँ और ठंडी हवा,
इनसे प्यारा नि कोई दूसरा नशा।
पहाड़ों की खामोशी में सुकून मिलछ,
शहर के शोर में मन थक जांछ।
माँ की बोली, गाँव की गलियाँ,
याद ऐंछ बचपन की सारी खुशियाँ।
पहाड़ी जीवन सरल जरूर छ,
पर खुशी से भरपूर छ।
जहाँ कुमाऊँ की माटी की खुशबू छ,
वहीं मेरो दिल और मेरी आरज़ू छ।
न शहर की चमक चाहिए, न दिखावा,
पहाड़ की जिंदगी ही मेरो असली ठिकाना।
देवदार की छाँव और पहाड़ों की हवा,
यही छ मेरो दिल को सच्चो नशा।
कुमाऊँ की बोली जब कानों में पड़छ,
दिल में अपने गाँव की याद जगछ।
पहाड़ छोड़ आयो रोजी-रोटी खातिर,
पर दिल वहीं छ अपनों के वास्ते।
अपनी पहचान पर गर्व करूं मैं,
कुमाऊँ की माटी को दिल में धरूं मैं।
जिंदगी चाहे जहाँ ले जाए मुझे,
पहाड़ों की याद कभी दूर नि जाए मुझसे।
छोटो सा गाँव, बड़े-बड़े सपने,
कुमाऊँ में बसछ मेरे अपने।
Kumaoni Shayari for Instagram Caption
तस्वीर एक छ, कहानी हजार,
पीछे खड़ो कुमाऊँ, और दिल में पहाड़।
पहाड़ों की हवा, कुमाऊँ की माटी,
यही छ मेरी सबसे प्यारी पहचान।
बुरांश की रंगत, पहाड़ों की शान,
कुमाऊँ मेरो दिल, कुमाऊँ मेरो मान।
पहाड़ी छौं, पहाड़ी रहिब,
अपनी माटी से हमेशा जुड़िब।
देवदार की छाँव में सुकून मिलछ,
कुमाऊँ की वादियों में दिल खिलछ।
पहाड़ छोड़ि ग्यौं शहर की ओर,
पर दिल आज भी गाँव की ओर।
अपनी बोली, अपनी माटी, अपना पहाड़,
इनसे बढ़कर नि कोई संसार।
कुमाऊँ की हवा में कुछ बात ऐसी छ,
हर तस्वीर यहाँ खुद-ब-खुद खास हो जांछ।
बादल पहाड़न से गले मिलछ,
और मेरो मन कुमाऊँ में खिलछ।
सादगी पहाड़ी, अंदाज निरालो,
कुमाऊँ से जुड़ो दिल सबसे प्यालो।
पहाड़ों की ऊँचाई जैं सपने रखूं,
अपनी माटी का मान हमेशा रखूं।
जहाँ बुरांश खिलछ, वहीं दिल मुस्कुरांछ,
कुमाऊँ की धरती हर बार बुलांछ।
शहर की भीड़ से दूर,
पहाड़ों में ही मेरो दिल भरपूर।
कुमाऊँ की पगडंडी, बचपन की याद,
हर मोड़ पै मिलछ अपनों का प्यार।
पहाड़ी हवा और खुला आसमान,
यही छ जिंदगी का असली अरमान।
मिट्टी की खुशबू, चेहरे पै मुस्कान,
कुमाऊँ से बढ़कर क्या मेरी पहचान।
पहाड़ों की खामोशी में जो बात छ,
वो शहर के शोर में कहाँ बात छ।
कुमाऊँ मेरो गर्व, पहाड़ मेरो प्यार,
इनसे जुड़ो है दिल बार-बार।
बादल, बुरांश और पहाड़ी रास्ते,
इन्हीं में छ मेरे दिल के वास्ते।
जहाँ कदम पड़छ, यादें बन जांछ,
कुमाऊँ की धरती दिल में बस जांछ।
दिल में बस जाने वाली Kumaoni Shayari
कुमाऊँ की माटी की खुशबू ऐसी छ,
दूर रहिक भी दिल के पास जैसी छ।
पहाड़ों की हवा जब मन छू जांछ,
बचपन की हर याद आँख्यौं में आंछ।
अपनी बोली सुनिक दिल मुस्कुरा जांछ,
कुमाऊँ का नाम आते ही मन खिल जांछ।
पहाड़ छोड़ि शहर में बस ग्यौं जरूर,
पर दिल आज भी अपने गाँव से छ भरपूर।
बुरांश खिलछ तो पहाड़ मुस्कुरांछ,
कुमाऊँ की सुंदरता दिल में उतर जांछ।
माँ की बोली और आँगन की मिट्टी,
इनसे प्यारी दुनिया में कोई याद नि।
पहाड़ी पगडंडी आज भी बुलांछ,
बचपन की हँसी कानों में सुनांछ।
देवदार की छाँव में बैठिक जो सुकून मिलछ,
वो दुनिया की किसी दौलत में नि मिलछ।
कुमाऊँ की वादियाँ आँख्यौं में बसि ग्यीं,
इनकी यादें दिल की धड़कन बनि ग्यीं।
गाँव की शाम और चूल्हे की आँच,
आज भी दिल में जगांछ अपनापन खास।
पहाड़ों की खामोशी दिल से बात करछ,
बिना बोले ही हर दर्द को शांत करछ।
जहाँ मिट्टी में अपनों की खुशबू होछ,
वही जगह दिल को सबसे प्यारी होछ।
शहर की भीड़ में मन अकेलो लागछ,
कुमाऊँ की याद में दिल फिर जागछ।
पहाड़ी रास्ते भले कठिन होण,
पर हर मोड़ पै यादें सुंदर होण।
कुमाऊँ सिर्फ पहाड़ों का नाम नि,
ये तो दिल में बसो एक एहसास छ।
अपनी माटी से रिश्ता ऐसा छ,
टूटिक भी जुड़ो रहछ, सपना जैसा छ।
दूर रहिक भी जब पहाड़ याद ऐंछ,
आँख्यौं में नमी और होंठों पै मुस्कान ऐंछ।
कुमाऊँ की हवा में जो अपनापन छ,
वही तो मेरो दिल का सच्चो धन छ।
चाहे दुनिया घूम लूं सारी,
कुमाऊँ की माटी सबसे प्यारी।
दिल में बसो है एक छोटो सा पहाड़,
जहाँ कुमाऊँ, अपनों और बचपन का प्यार।
Conclusion
कुमाऊँनी शायरी मँ पहाड़ की माटी की खुशबू, अपण लोगन कू प्यार अर पहाड़ी जिंदगी की सादगी साफ नजर आछ। प्यार हो, दोस्ती हो, जुदाई हो या अपण पहाड़न की याद—हर भावना कुमाऊँनी बोली मँ और भी गहरी लागछ। उम्मीद छ कि यै Kumaoni Shayari collection तुमैं पसंद आयो होलो अर तुमैं अपणा मन की बात कहण खातर जरूर कोई शायरी मिलि होली। अपणी पसंदीदा कुमाऊँनी शायरी अपणा दोस्तन अर परिवार सँग जरूर share करा।
FAQs
Kumaoni Shayari क्या होती है?
Kumaoni Shayari कुमाऊँनी बोली मँ लिखी गई शायरी छ, जैंमँ पहाड़, प्यार, दोस्ती, जुदाई, प्रकृति अर पहाड़ी जिंदगी की भावनाओं कू सुंदर ढंग सै व्यक्त करै जांछ।
Kumaoni Shayari किन विषयों पर लिखी जाती है?
Kumaoni Shayari मँ Love, Romantic, Sad, Friendship, Attitude, Nature, Pahad, Village Life अर Family जैं कई विषय शामिल हो सकछ।
क्या Kumaoni Shayari हिंदी मँ भी लिखी जा सकछ?
हाँ, Kumaoni Shayari कू हिंदी लिपि मँ लिख सकछ। हालांकि Kumaoni शब्दन अर पहाड़ी अंदाज कू बनाए रखण सै शायरी की असली मिठास बरकरार रहछ।
2 Line Kumaoni Shayari कहाँ इस्तेमाल कर सकूं?
2 Line Kumaoni Shayari कू WhatsApp Status, Instagram Caption, Facebook Status या अपणा दोस्तन कू भेजण खातर इस्तेमाल कर सकछ।
Kumaoni Shayari WhatsApp Status के लिए अच्छी छ?
हाँ, छोटी अर भावुक Kumaoni Shayari WhatsApp Status खातर बढ़िया रहछ। खासकर Love, Sad, Pahadi अर Attitude Shayari आसानी सै status मँ लगाई जा सकछ।
Kumaoni Shayari Instagram Caption के लिए इस्तेमाल कर सकूं?
बिल्कुल। पहाड़, गाँव, प्रकृति या अपनी तस्वीरन के साथ Kumaoni Shayari Instagram Caption मँ एक अलग पहाड़ी touch दिछ।
Kumaoni Shayari with Hindi Meaning क्या होती है?
यामैं पहिले Kumaoni मँ शायरी लिखी जांछ अर तैका बाद सरल हिंदी मँ ओकर अर्थ बतायो जांछ, जैंसै Kumaoni न समझण वाला reader भी भाव समझ सकै।
Kumaoni और Hindi भाषा अलग हैं क्या?
हाँ, Kumaoni अर Hindi अलग भाषाएँ छैं। Kumaoni कुमाऊँ क्षेत्र मँ बोली जाण वाली पहाड़ी भाषा छ, जबकि Hindi भारत की प्रमुख भाषाओं मँ सै एक छ। दोनों मँ कई शब्द समान भी मिल सकछ।
Kumaoni Shayari पहाड़ों से जुड़ी भावनाएँ कैसे दिखाती है?
Kumaoni Shayari मँ पहाड़, गाँव, घर, परिवार, प्रकृति, बारिश, बचपन अर अपण माटी की याद जैं भावनाओं कू शब्द दिय जांछ।