उत्तराखंड की पहाड़ी बोली अर संस्कृति मा एक अलग ही मिठास छ। यहां का प्यार, दोस्ती, याद अर जज्बात सीधे दिल तैं जुड़ जांदा। अगर तुम भी Uttarakhandi Shayari पसंद करदा, त यहां तुमतैं प्यार भरी, Attitude वाली अर दिल छू जाण वाली Sad Pahadi Shayari मिलली। इन शायरियों मा पहाड़ों की खुशबू अर उत्तराखंड की सच्ची भावना महसूस होली।
Best Uttarakhandi Shayari in Hindi

मेरो पहाड़ मेरी शान छ, मेरो गांव मेरी जान,
उत्तराखंड की धरती पर, दिल भी कुर्बान अर जान भी कुर्बान।
पहाड़ों की ठंडी हवा मा, दिल मेरो खो जांद,
उत्तराखंड की याद आते ही, मन घर लौट जांद।
बुरांश का फूल खिल्यो छ, पहाड़ों की छांव मा,
दिल मेरो बस्यो छ आज भी, अपणा प्यारा गांव मा।
देवभूमि की माटी छ प्यारी, गंगा का पवित्र पानी,
उत्तराखंड दिल मा बस्यो छ, यही छ मेरी कहानी।
पहाड़ों का रास्ता कठिन सही, पर दिल का सुकून यहां छ,
शहरों मा सब कुछ मिल जांद, पर अपना पहाड़ कहां छ।
सुबह की धूप अर ठंडी हवा, मन मा खुशियां भर दे,
मेरा उत्तराखंड हर दुख मा, जीण की हिम्मत कर दे।
गांव की वो छोटी बाट, आज भी याद आंद,
बचपन की हर प्यारी बात, आंखों मा नमी ल्यांद।
ऊंचे पहाड़, नीला आसमान, अर बादलों की छांव,
दुनिया मा सबसे प्यारी जगह, मेरो उत्तराखंडी गांव।
ना शहर की चमक चाहिए, ना बड़ी पहचान,
पहाड़ों मा छोटो घर हो, बस यही मेरो अरमान।
गंगा की धारा जैसी निर्मल, पहाड़ों जैसा प्यार,
उत्तराखंड की मिट्टी खातिर, दिल छ बारंबार तैयार।
पहाड़ी दिल छ साफ मेरो, बात भी सीधी करूं,
प्यार मिलो तो जान दे दूं, धोखा मिलो तो दूर रहूं।
पहाड़ों से दूर रहकर भी, पहाड़ दिल से दूर नि होंद,
जन्मभूमि की यादों जैसा, दुनिया मा कुछ और नि होंद।
चीड़ की खुशबू हवा मा, कानों मा घुघूती की तान,
उत्तराखंड की धरती छ, मेरी सबसे बड़ी पहचान।
बर्फीली चोटियां देखिकै, मन मेरो मुस्कांद,
देवभूमि की सुंदरता देख, हर कोई यहीं बसण चाहंद।
दिल मा पहाड़, आंखों मा गांव,
जहां भी जाऊं साथ चले, उत्तराखंड का नाम।
शहर की भीड़ मा मन मेरो, अक्सर अकेलो हो जांद,
गांव की चौखट याद आते ही, दिल फेर मुस्कांद।
पहाड़ी हूं साहब, थोड़ा सादा जरूर छूं,
पर दिल तैं रिश्ता निभाण मा, सबसे आगे छूं।
बारिश पड़दा पहाड़ों मा, मिट्टी महकण लगदी,
अपना गांव याद आते ही, आंख भी छलकण लगदी।
ना दौलत का घमंड छ, ना शोहरत की चाह,
पहाड़ों का प्यार मिल जाओ, बस पूरी हो हर राह।
उत्तराखंड की वादियां, दिल मा ऐसा रंग भरदी,
एक बार जो यहां आ जांद, उसकी याद जिंदगी भर रहंदी।
Uttarakhandi Shayari 2 Line

जन्म पहाड़ मा हो या रहूं उससे दूर,
उत्तराखंडी होण का गर्व रहंद भरपूर।
पहाड़ों की हवा मा अलग ही सुकून छ,
मेरो उत्तराखंड दुनिया मा सबसे खूबसूरत छ।
बुरांश का फूल अर गांव की ठंडी छांव,
दिल मा हमेशा बस्यो रहंद मेरो पहाड़ी गांव।
दूर शहर मा रहूं, पर दिल पहाड़ मा छ,
मेरी हर सांस मा उत्तराखंड का प्यार छ।
ऊंचा पहाड़ अर नीला आसमान,
यही छ मेरो उत्तराखंड, यही मेरी शान।
गांव की पगडंडी आज भी याद आंद,
पहाड़ की हर याद दिल तैं मुस्कांद।
गंगा का पानी अर पहाड़ों की हवा,
उत्तराखंड जैसा सुकून मिले और कहां भला।
ना महलों की चाह, ना शहरों का नाम,
मुझे तो प्यारा छ मेरो छोटो सा पहाड़ी गांव।
देवभूमि की माटी मा ऐसा प्यार छ,
दूर रहकर भी दिल यहीं बार बार छ।
पहाड़ी दिल छ, इसलिए थोड़ा सादा छूं,
अपणों की खातिर हमेशा तैयार छूं।
ठंडी हवा जब चेहरे तैं टकरांद,
मेरो पहाड़ तब और भी याद आंद।
पहाड़ों मा घर अर अपणों का साथ,
जिंदगी मा और क्या चाहिए खास।
चाय की प्याली अर सामने पहाड़,
ऐसी जिंदगी पर दिल जाऊं वार।
मेरो गांव छोटो सही, पर दिल मा महान छ,
उत्तराखंड की माटी मेरी असली पहचान छ।
शहरों की रोशनी मन तैं भाती नि,
गांव की वो शांत रात भूल पाती नि।
पहाड़ों जैसा हौसला अर नदी जैसा प्यार,
यही छ उत्तराखंडी दिल की असली पहचान यार।
बादल पहाड़ों तैं जब बात करंद,
दिल मा पुरानी यादों के फूल खिलंद।
घुघूती की आवाज अर सुबह की धूप,
मेरो उत्तराखंड छ सबसे अनोखो रूप।
जहां देवता बसंद अर नदियां गीत सुनांद,
वही मेरो उत्तराखंड दिल तैं बुलांद।
दुनिया घूम लूं चाहे हजार बार,
मेरो पहाड़ ही रहंद दिल का सच्चो प्यार।
Uttarakhandi Love Shayari

तेरी हंसी मा पहाड़ों जैसा सुकून छ,
तू साथ हो तो जिंदगी बड़ी खूबसूरत छ।
मेरो दिल बस तेरो नाम पुकारंद,
तू सामने आवे तो चेहरो खुद मुस्कांद।
पहाड़ों की ठंडी हवा जैसी छ तू,
मेरो दिल को सबसे प्यारी दवा जैसी छ तू।
तेरी आंखों मा ऐसा प्यार दिखंद,
मेरो दिल हर बार तेरै पास खिंचंद।
बुरांश के फूल जैसा तेरो प्यार छ,
मेरो दिल मा बस तेरो ही अधिकार छ।
तू साथ हो तो हर रास्तो आसान लगंद,
तेरे बिना अपना पहाड़ भी सुनसान लगंद।
चांद भी फीको लगंद तेरे चेहरे के आगे,
मेरो दिल बस तेरै प्यार के गीत गावे।
तेरा नाम जब भी जुबां पर आंद,
मेरो दिल धीरे धीरे मुस्कांद।
पहाड़ी रास्तों जैसा लंबो हो प्यार अपणो,
हर जन्म मा तू ही बने मेरो सपणो।
तेरी बातें मीठी छ पहाड़ी चाय जैसी,
तेरै बिना जिंदगी लगे अधूरी सी।
गंगा जैसी पवित्र छ मोहब्बत मेरी,
पहाड़ों जैसी मजबूत छ चाहत मेरी।
तू मिले तो हर मौसम बहार लगंद,
तेरै बिना दिल हर पल बेकरार रहंद।
मेरो गांव, मेरो पहाड़ अर तू,
इन तीनों से ही पूरी छ जिंदगी की खुशबू।
तेरी याद मा रात भी छोटी लगंद,
तेरा ख्याल आवे तो दिल खुशी तैं भरंद।
ना सोना चाहिए, ना बड़ी दौलत यार,
बस जिंदगी भर चाहिए तेरो सच्चो प्यार।
तेरी मुस्कान मा मेरो संसार बसंद,
तू पास हो तो हर दुख दूर भगंद।
पहाड़ों पर बरसती बारिश जैसी छ मोहब्बत,
धीरे धीरे दिल मा उतरती छ तेरी चाहत।
तू दूर रहकर भी दिल के पास छ,
मेरो हर दिन तेरै नाम से खास छ।
सात जन्मों का वादा तो पता नि,
पर इस जन्म मा तेरै बिना रहणा नि।
उत्तराखंड की वादियों जितना प्यारा छ तू,
सच कहूं तो मेरो सबसे खूबसूरत सहारा छ तू।
Pahadi Attitude Shayari

देवभूमि मेरो घर अर पहाड़ मेरी शान,
पहाड़ी छूं, यही छ मेरी सबसे बड़ी पहचान।
पहाड़ी छूं साहब, दिल साफ रखंद,
पर गलत बात पर सीधो जवाब भी देंद।
मेरो अंदाज थोड़ा अलग छ,
क्योंकि पहाड़ों वाला खून रग रग मा छ।
ना किसी तैं डरंद, ना झूठ का साथ देंद,
पहाड़ी छूं, अपनी बात खुलके कहंद।
ऊंचे पहाड़ों जैसा हौसला रखंद,
मुश्किल कितनी भी हो, सिर ऊंचो रखंद।
हम पहाड़ी छां, पहचान अपणी खास छ,
दिल मा प्यार अर स्वभाव मा बिंदास छ।
शहर की चमक तैं हम प्रभावित नि होंद,
पहाड़ों के लोग अपनी शान मा जींद।
इज्जत दोगे तो दिल मा जगह मिलली,
अकड़ दिखाओगे तो दूरी ही ठीक रहली।
पहाड़ी खून छ, थोड़ा गरम जरूर छ,
पर अपणों के लिए दिल पूरा नरम छ।
मेरी सादगी तैं कमजोरी मत समझणा,
वक्त आवे तो पहाड़ी तेवर भी देखणा।
नाम छोटो हो सकंद, पहचान बड़ी छ,
क्योंकि पीछे मेरो देवभूमि खड़ी छ।
हम दिखावा कम अर काम ज्यादा करंद,
पहाड़ी लोग अपनी मेहनत तैं पहचान बनांद।
ना नकली दोस्ती पसंद, ना झूठो प्यार,
पहाड़ी दिल मांगे रिश्ते दमदार।
बात इज्जत की हो तो पीछे हटंद नि,
पहाड़ी छां, किसी आगे बेवजह झुकंद नि।
अंदाज सादा छ, पर सोच ऊंची छ,
आखिर परवरिश भी पहाड़ों की छ।
अपणी माटी पर घमंड नि, गर्व छ,
पहाड़ी होण का अलग ही सर्व छ।
अकेलो चलणा पड़े तो भी चल लेंद,
हम पहाड़ी छां, रास्ता खुद बना लेंद।
दिल जीतणा हो तो प्यार तैं बात कर,
अकड़ दिखाणी हो तो दूरी तैं बात कर।
हम वहां के छां जहां रास्ते कठिन छ,
इसलिए हार मानणा हमारी आदत मा नि छ।
पहाड़ी चेहरा भले शांत दिखंद,
पर जरूरत पड़े तो तेवर भी खूब दिखंद।
Sad Uttarakhandi Shayari

पहाड़ों मा सब कुछ वैसो ही छ आज भी,
बस अपणों का साथ पहले जैसा नि रह्यो।
गांव की वो पगडंडी आज भी बुलांद,
पर लौटण वाला बचपन फेर कभी नि आंद।
दूर शहर मा जिंदगी तो चल रई छ,
पर दिल आज भी अपणे पहाड़ मा अटको छ।
बुरांश फिर खिल्यो पहाड़ की डाल मा,
पर खुशी अब नि खिलदी मेरो दिल मा।
तेरी याद पहाड़ी बारिश जैसी छ,
रुक जांद फिर अचानक बरस पड़ंद।
सब कहते छ समय हर दर्द मिटा देंद,
पर कुछ यादें समय के साथ और गहरी हो जांद।
गांव छोड़्या तो सपने पूरे करण खातिर,
पर सुकून भी वहीं छोड़ आयो अनजाणे मा।
पहाड़ों की शाम आज भी खूबसूरत छ,
पर तेरे बिना हर नजारा अधूरो छ।
अपणों तैं दूर रहण का दर्द वही जाणंद,
जो रात मा चुपचाप गांव याद करंद।
आंखों मा शहर की रोशनी बहुत छ,
पर दिल मा गांव का अंधेरो आज भी छ।
कभी हम भी हंसदा थे इन रास्तों पर,
आज वही रास्ते पुरानी याद दिलांद।
तेरे जाण के बाद दिल ऐसा टूट्यो,
जैसे पहाड़ तैं कोई अपना गांव छूट्यो।
पहाड़ी हवा आज भी तेरो नाम ल्यांद,
अर मेरो दिल चुपचाप आंखें भिगांद।
कुछ रिश्ते पहाड़ी रास्तों जैसे होंद,
खूबसूरत बहुत, पर मंजिल तक नि पहुंचंद।
जिस घर मा कभी हंसी गूंजदी थी,
आज वहां बस यादों की आवाज रह गई।
दिल चाहता छ फेर गांव लौट जाऊं,
पर बीतो वक्त कहां तैं वापस ल्याऊं।
तेरी कमी भी पहाड़ जैसी भारी छ,
सामने नि, फिर भी हर पल महसूस होंदी।
हम मुस्करांद जरूर छां दुनिया के आगे,
पर अंदर कितनो दर्द छ, कोई नि जाणंद।
पहाड़ छोड़ण का दुख तब समझ आंद,
जब शहर मा रहकर अपणों की याद सतांद।
जिंदगी ने बहुत कुछ दे दियो मुझे,
पर बचपन, गांव अर कुछ अपने वापस नि दिये।
Pahadi Shayari in Hindi

पहाड़ी होण पर गर्व छ मुझे हर बार,
मेरी माटी, मेरो गांव अर मेरो उत्तराखंड छ प्यार।
पहाड़ों की हवा मा जो सुकून छ,
वो शहरों की भीड़ मा कहां मिलंद।
मेरो गांव छोटो सही, पर दिल के बहुत पास छ,
पहाड़ों की माटी मा ही मेरी असली सांस छ।
बुरांश के फूल जब पहाड़ों मा खिलंद,
तब दिल के पुराने जज्बात भी फेर जागंद।
ऊंचे पहाड़ अर खुलो आसमान,
यही छ पहाड़ी जिंदगी की असली पहचान।
गांव की सुबह अर चिड़ियों की आवाज,
शहर मा रहकर भी आती छ रोज याद।
पहाड़ी रास्ते कठिन जरूर छ,
पर इनकी हर मंजिल बड़ी खूबसूरत छ।
ना बड़ी गाड़ी चाहिए, ना महलों का ठाठ,
बस पहाड़ों मा घर हो अर अपणों का साथ।
ठंडी हवा जब चेहरे तैं टकरांद,
दिल फेर अपणे पहाड़ों मा लौट जांद।
पहाड़ों का पानी अर पहाड़ी जवानी,
दोनों की दुनिया मा अलग ही कहानी।
गांव की मिट्टी की खुशबू ऐसी छ,
दूर रहकर भी दिल मा बसी रहती छ।
हम पहाड़ी लोग दिल तैं रिश्ता निभांद,
एक बार अपना मान लें तो जिंदगी भर साथ निभांद।
चीड़ के जंगल अर बादलों की छांव,
इनसे प्यारा दुनिया मा कोई नि मेरो गांव।
जिंदगी चाहे कहीं भी ले जावे,
दिल हमेशा पहाड़ों का रास्ता ही पावे।
पहाड़ सिर्फ जगह नि, एक एहसास छ,
जो दूर रहकर भी हमेशा दिल के पास छ।
शाम ढले जब सूरज पहाड़ों पीछे छुपंद,
तब प्रकृति भी जैसे कोई शायरी लिखंद।
शहर मा सब कुछ मिल जांद आसानी तैं,
पर गांव जैसा अपनापन नि मिलंद कहीं तैं।
पहाड़ी दिल सादा जरूर होंद,
पर प्यार अर इज्जत मा बहुत अमीर होंद।
बादल जब पहाड़ों तैं गले मिलंद,
नजारे देख दिल के सारे दुख भूल जांद।
अपणा पहाड़ छोड़णा आसान नि होंद,
क्योंकि वहां सिर्फ घर नि, पूरा बचपन होंद।
Garhwali Shayari

जनम जहां भी हो, दिल पहाड़ी होण चेंद,
गढ़वाल कु प्यार हर सांस मा रैण चेंद।
मेरु गढ़वाल मेरु अभिमान छ,
ई धरती मा बस्यू मेरु प्राण छ।
पहाड़ों की ठंडी हवा जब मन छू जांदी,
अपणु गौं की याद आंख्यूं मा भर जांदी।
बुरांश का फूल अर बांज की छांव,
सबसे प्यारी लगदी मेरु गढ़वाली गौं।
दूर शहर मा रैकी भी मन यखीं रैंद,
गढ़वाल कु प्यार कभि दिल तैं नि जांद।
मेरु पहाड़, मेरी माटी, मेरी पहचान,
गढ़वाली होण मा छ मेरु सम्मान।
गौं की बाट अर नौले कु पाणी,
याद आंदी बचपन की हर कहानी।
ऊंचा डांडा, हरी भरी घाटी,
गढ़वाल की धरती सबसे न्यारी लागदी।
अपणा लोग अर अपणी बोली,
ई चीज छन दिल की सबसे अनमोल दौलत होली।
शहर की चमक चाहे कितनी भी खास हो,
गढ़वाल की शाम जैसा सुकून कख नि हो।
घुघूती की बोली जब कान मा पड़दी,
अपणु गौं जाण की इच्छा फेर जागदी।
गढ़वाली दिल छ साफ अर सच्चो,
प्यार करद त पूरा, बैर करद त पक्को।
जिंदगी जहां भी लै जाली म्यरू यार,
दिल मा सदानी रौला अपणु गढ़वाल।
डांडा कांठा अर नदी की धार,
इन्हीं मा बस्यू छ मेरो संसार।
पहाड़ की जिंदगी कठिन जरूर छ,
पर यख कु सुकून सबसे भरपूर छ।
मेरु मन त अपणु गौं मा बस्यू छ,
शरीर बस रोजगार खातिर शहर मा फंस्यू छ।
मां की बोली अर गढ़वाल कु प्यार,
दुनिया मा इनसे बढ़िक कुछ नि यार।
बारिश पड़दी त माटी महक जांदी,
गढ़वाल की याद दिल मा और गहरी हो जांदी।
अपणी जड़ कभि भूलण नि चेंद,
गढ़वाली छां, गढ़वाली ही रैंद।
देवभूमि की गोद मा मेरु घर छ,
गढ़वाल कु नाम ही म्यरू गर्व छ।
Kumaoni Shayari

मेरो कुमाऊं मेरि शान छ,
यहीं माटी मा बस्यो मेरो प्राण छ।
पहाड़ की ठंडी हवा जब छू जांछ,
अपणु गौं की याद दिल मा आ जांछ।
बुरांश का फूल अर देवदार की छांव,
दुनिया मा सबसे प्यारो मेरो कुमाऊं गौं।
शहर मा रहूं चाहे कितनी दूर,
कुमाऊं की याद दिल मा रैछ भरपूर।
मेरो पहाड़, मेरि माटी, मेरि पहचान,
कुमाऊनी होण मा छ मेरो अभिमान।
गौं की बाट अर नौले को पाणी,
याद दिलांछ बचपन की पुरानी कहानी।
ऊंचा डांडा अर हरी भरी घाटी,
कुमाऊं की धरती लागछ सबसे प्यारी।
अपणी बोली अर अपणा लोग,
इनसे बढ़िक नि छ दुनिया मा कोई सुख भोग।
शहर की रोशनी चाहे लाख चमक जाल,
कुमाऊं की शाम जैसा सुकून कख नि मिलाल।
घुघूती की बोली जब कान मा आंछ,
मेरो मन फेर अपणु गौं जाण चाहंछ।
कुमाऊनी दिल छ साफ अर सच्चो,
प्यार करल त दिल तैं, रिश्ता रखल पक्को।
जिंदगी जहां भी ले जाल म्यर यार,
दिल मा हमेशा बसल मेरो कुमाऊं प्यार।
डांडा, जंगल अर नदी की धार,
इन्हीं मा बस्यो मेरो छोटो संसार।
पहाड़ की जिंदगी कठिन जरूर छ,
पर यख को सुकून सबसे भरपूर छ।
तन शहर मा छ, मन गौं मा रैछ,
कुमाऊं की याद हर दिन दिल तैं कहैछ।
मां की ममता अर पहाड़ की हवा,
इन दोनूं जैसा सुकून मिलण मुश्किल भया।
बारिश पड़छ त माटी महक जांछ,
कुमाऊं की याद दिल मा फेर बस जांछ।
अपणी जड़ कभै भूलण नी चैं,
कुमाऊनी छां, कुमाऊनी ही रैण चैं।
हिमालय की गोद मा मेरो घर छ,
कुमाऊं को नाम ही मेरो गर्व छ।
दुनिया घूमूं चाहे बारंबार,
मेरो कुमाऊं ही रैछ दिल को सच्चो प्यार।
Uttarakhand Shayari on Pahad and Nature

पहाड़ों की गोद मा जो सुकून मिलंद,
वो शहरों की भीड़ मा कहीं नि मिलंद।
हरी भरी वादियां अर नीला आसमान,
यही छ उत्तराखंड की सबसे प्यारी पहचान।
बुरांश के फूल जब जंगल मा खिलंद,
पहाड़ों के रंग दिल मा उतर जांद।
सुबह की धूप जब चोटियों पर पड़ंद,
पूरा उत्तराखंड सोने जैसा चमकंद।
नदी की धार अर पंछियों की तान,
प्रकृति खुद लिखंद यहां प्यार की दास्तान।
बादल जब पहाड़ों को छूण लगंद,
दिल के सारे दुख खुद दूर भगंद।
चीड़ की खुशबू अर ठंडी सी हवा,
उत्तराखंड की प्रकृति छ सबसे प्यारी दवा।
बर्फ से ढकी ऊंची ऊंची चोटी,
देखिकै लगंद दुनिया कितनी छोटी।
पहाड़ी झरनों का मीठो सा शोर,
मन कहंद यहीं रुक जाऊं हर ओर।
हरियाली ओढ़े पहाड़ बड़े प्यारे लगंद,
प्रकृति प्रेमियों के दिल मा सीधे बसंद।
सूरज ढले जब पहाड़ लाल हो जांद,
ऐसा नजारा देख मन भी खिल जांद।
उत्तराखंड की धरती एक खूबसूरत किताब छ,
हर पहाड़, हर नदी उसका प्यारा जवाब छ।
फूलों की खुशबू अर हवा की मिठास,
पहाड़ों मा हर पल लगंद बेहद खास।
जंगल की राहों मा जो शांति मिलंद,
वो हजारों खुशियों से भी ज्यादा लगंद।
बरसात आते ही पहाड़ निखर जांद,
हरी चादर ओढ़िकै और सुंदर बन जांद।
गंगा की धारा अर हिमालय की शान,
इनसे ही बनदी देवभूमि की पहचान।
पहाड़ों के बीच छोटो सा गांव,
सामने नदी अर पेड़ों की छांव।
प्रकृति ने उत्तराखंड को दिल तैं सजायो छ,
हर कोने मा सुंदर रंग बसायो छ।
सुबह का कोहरा जब घाटी मा छा जांद,
लगता जैसे धरती स्वर्ग बन जांद।
पहाड़, नदी, जंगल अर खुलो आसमान,
इन्हीं मा बसदी मेरो उत्तराखंड की जान।
Devbhoomi Uttarakhand Shayari

मेरा उत्तराखंड सिर्फ एक जगह नि छ,
ये श्रद्धा, सुकून अर आस्था का सच्चो रूप छ।
देवभूमि उत्तराखंड की माटी सबसे न्यारी छ,
हर कण मा बसदी भक्ति अर प्रकृति प्यारी छ।
गंगा की धारा अर हिमालय की शान,
इनसे ही बनदी उत्तराखंड की पहचान।
मंदिरों की घंटी अर पहाड़ों की हवा,
देवभूमि का हर नजारा लगंद दुआ।
केदार-बदरी की पावन धरती छ महान,
उत्तराखंड पर हर दिल करंद अभिमान।
यहां की वादियां मन को सुकून देंद,
देवभूमि के दर्शन दिल को सच्ची खुशी देंद।
बर्फीली चोटियां अर हरियाली की छांव,
उत्तराखंड का हर कोनो लगंद पावन गांव।
गंगा-यमुना की पवित्र धार,
देवभूमि का बढ़ांद और भी सत्कार।
उत्तराखंड की हवा मा भक्ति बसदी,
यहां आकर हर आत्मा शांति महसूस करदी।
पहाड़ों की गोद मा बसी ये धरती महान,
देवभूमि कहाल जांद, यही इसकी शान।
हर सुबह यहां नई रोशनी ल्यांद,
देवभूमि का नाम सुनते ही मन झुक जांद।
मंदिर, घाट, नदी अर धाम,
उत्तराखंड का हर स्थल छ पावन नाम।
यहां की मिट्टी मा देवों का वास छ,
इसलिए उत्तराखंड हर दिल के पास छ।
बादलों से बातें करंद ऊंचे पहाड़,
देवभूमि का सौंदर्य लगंद अपार।
भक्ति अर प्रकृति का सुंदर संगम छ,
उत्तराखंड सच मा धरती का स्वर्ग छ।
केदारनाथ की राह अर बद्रीनाथ का धाम,
हर भक्त के दिल मा बसंद इनका नाम।
उत्तराखंड की फिजा मा सच्ची शांति छ,
यहां की हर राह मा ईश्वर की भक्ति छ।
देवभूमि की धरती पर कदम जो पड़ंद,
मन के सारे दुख धीरे धीरे हटंद।
प्रकृति ने इस धरती को खूब सजायो छ,
भगवान ने उत्तराखंड को खुद बनायो छ।
पहाड़, नदी, जंगल अर धाम,
देवभूमि उत्तराखंड का सबसे ऊंचो नाम।
Uttarakhandi Shayari About Home and Village

जिंदगी जहां भी ले जाली मुझे यार,
दिल मा हमेशा रौला अपणु घर अर पहाड़।
अपणु गौं अर अपणु घर सबसे प्यारो छ,
दुनिया चाहे बड़ी हो, दिल यखीं हारो छ।
गांव की पगडंडी आज भी याद आंद,
बचपन की हर बात दिल मा मुस्कांद।
शहर की भीड़ मा मन घबरांद,
अपणु पहाड़ी घर याद आते ही सुकून आंद।
छोटो सा घर अर सामने पहाड़,
इससे सुंदर नि चाहिए कोई संसार।
आंगन की धूप अर मां की पुकार,
गांव की याद कर दे आंखें नम बार बार।
नौले को पाणी अर खेतों की हवा,
अपणु गौं सच मा दिल की दवा।
जहां बचपन खेल्यो, वही मेरो जहान छ,
अपणु गांव ही मेरी असली पहचान छ।
घर तैं दूर रहिकै एक बात समझ आंद,
अपणों की कीमत दूरी ही बतांद।
पहाड़ी घर की छोटी सी चौखट,
शहर के महलों से भी ज्यादा खूबसूरत।
गांव की शाम अर चूल्हे की खुशबू,
आज भी दिल मा बसदी उसकी आरजू।
खेतों की हरियाली अर मिट्टी की महक,
अपणु गांव याद आवे तो दिल उठंद चहक।
दूर शहर मा कमाई बहुत होली,
पर गांव जैसी खुशी कख नि मिलोली।
घर की छत तैं दिखंद ऊंचा पहाड़,
उसी नजारे पर दिल जांद बार बार।
अपणु गांव छोड़िकै सपने कमाण आयो,
पर सुकून तो वहीं पीछे छोड़ आयो।
गांव की गलियां आज भी बुलांदी,
बचपन की याद आंखों मा भर ल्यांदी।
मिट्टी का घर हो या छोटो सा मकान,
अपणों के साथ हो तो वही छ स्वर्ग समान।
मां का आंगन अर बाबूजी की बात,
गांव मा ही मिलंद दिल को सच्चो साथ।
चाहे दुनिया के कितने शहर घूम लूं,
आखिरी सुकून अपणे गांव मा ही ढूंढूं।
पहाड़ों के बीच बसी मेरी छोटी सी जान,
मेरो घर, मेरो गांव, मेरो उत्तराखंड महान।
Uttarakhand Status for WhatsApp

मेरो उत्तराखंड, मेरी शान ❤️🏔️
दिल पहाड़ी छ, सोच भी पहाड़ी छ। 🌄
जहां पहाड़, वहीं मेरो सुकून। 💚
देवभूमि उत्तराखंड पर गर्व छ। 🙏
शहर मा रहूं, दिल गौं मा छ। 🏡
पहाड़ सिर्फ जगह नि, एहसास छ। ❤️
उत्तराखंडी छूं, यही मेरी पहचान छ। 😎
बुरांश की खुशबू अर पहाड़ों का प्यार। 🌺
अपणु गौं, अपणी माटी, अपणु अभिमान। 💚
सुकून चाहिए तो पहाड़ याद कर। 🏔️
हिमालय की गोद मा बस्यो मेरो उत्तराखंड। ❄️
पहाड़ी जिंदगी सादी छ, पर दिल तैं खास छ।
गंगा की धारा, देवभूमि की शान। 🙏
मेरो दिल आज भी अपणे पहाड़ मा बसंद।
ऊंचे पहाड़, ऊंचे हौसले। 💪
पहाड़ी हूं, इसलिए अंदाज थोड़ा अलग छ। 😎
दुनिया खूबसूरत छ, पर उत्तराखंड सबसे प्यारा।
गांव की याद अर पहाड़ों का प्यार कभी कम नि होंद।
जन्मभूमि उत्तराखंड, दिल की सबसे खास जगह। ❤️
जहां देव बसंद, वही मेरो उत्तराखंड छ। 🙏🏔️
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पहाड़ों मा सुकून छ, बाकी सब बस शोर छ. 🏔️
दिल पहाड़ी, सोच आज भी अपणे गौं वाली. 💚
जहां बादल नीचे अर पहाड़ ऊपर होंद, वहीं असली खुशी मिलंद. ☁️
अपणु पहाड़, अपणु गर्व. ❤️
शहर मा शरीर छ, पर दिल आज भी पहाड़ मा छ. 🌄
बुरांश की खुशबू अर पहाड़ों की हवा, बस यही जिंदगी की दवा. 🌺
पहाड़ी लोग सादे जरूर होंद, पर दिल तैं सबसे अमीर होंद. ✨
अपणे गौं की याद हर दिन और खास लगंद. 🏡
ना luxury चाहिए, ना show off, बस पहाड़ों का view काफी छ. 😌
देवभूमि की माटी तैं जुड़ो रिश्ता कभी कमजोर नि होंद. 🙏
पहाड़ सिर्फ जगह नि, एक एहसास छ. 💫
ठंडी हवा, ऊंचे पहाड़, अर दिल पूरा खुश. ❄️
अपणु उत्तराखंड, दुनिया का सबसे प्यारा corner. 🌍
पहाड़ी vibe अलग ही level की होंदी. 😎
जहां सुकून free मा मिलंद, उसी जगह को नाम छ पहाड़. 💚
गांव की पगडंडी आज भी सबसे खूबसूरत road छ. 🚶
बादलों के बीच जीण का मज़ा, सिर्फ पहाड़ी ही जाणंद. ☁️🏔️
मेरी roots पहाड़ मा छ, इसलिए attitude भी strong छ. 💪
अपणी माटी, अपणी बोली, अपणा लोग सबसे अनमोल. 🤍
एक बार पहाड़ों से प्यार हो जावे, फेर दुनिया फीकी लगंद. ❤️
Short Pahadi Quotes in Hindi

पहाड़ों मा ही असली सुकून छ।
मेरो पहाड़, मेरी पहचान।
दिल हमेशा अपणे गौं मा बसंद।
पहाड़ी जिंदगी सादी, पर खास छ।
ऊंचे पहाड़, ऊंचे हौसले।
गांव की मिट्टी सबसे प्यारी छ।
पहाड़ सिर्फ जगह नि, एहसास छ।
देवभूमि दिल के सबसे पास छ।
अपणी माटी पर गर्व छ।
शहर शोर छ, पहाड़ सुकून छ।
पहाड़ी दिल हमेशा साफ होंद।
प्रकृति ही पहाड़ों की असली दौलत छ।
गांव छोटो, पर यादें बड़ी।
जहां पहाड़, वहीं खुशी।
अपणी जड़ कभी भूलणी नि चाहिए।
पहाड़ी हवा दिल खुश कर देंद।
उत्तराखंड मेरी शान छ।
पहाड़ों का प्यार कभी कम नि होंद।
अपणु गौं सबसे सुंदर छ।
दिल पहाड़ी छ, इसलिए खास छ।
Uttarakhandi Shayari for Friends

दोस्ती पहाड़ों जैसी मजबूत होणी चैं,
दूरी कितनी भी हो, दिल तैं जुड़ी रहणी चैं।
अपणु यार साथ हो तो हर राह आसान छ,
पहाड़ों मा दोस्ती की अलग ही पहचान छ।
दोस्त वही जो दुख मा साथ निभांद,
खुशी मा तो पूरी दुनिया पास आ जांद।
पहाड़ी दोस्त थोड़े होंद, पर खास होंद,
दिल तैं निभांद अर हमेशा पास होंद।
गौं की गलियां अर बचपन के यार,
जिंदगी भर याद रहंद बार बार।
दोस्ती मा हिसाब किताब नि होंद,
सच्चो यार कभी दिल तैं दूर नि होंद।
चाय की प्याली अर यारों का साथ,
पहाड़ों मा इससे सुंदर क्या हो बात।
अपणु दोस्त हो तो मुश्किल भी छोटी लगंद,
हर उदास दिन मा हंसी लौट आंद।
पहाड़ी यारी एक बार हो जांद,
फेर जिंदगी भर साथ निभांद।
स्कूल की बाट अर पुराने यार,
याद आंद तो दिल हो जांद बेकरार।
दोस्ती मा दिखावा नि, बस प्यार होण चैं,
हर मुश्किल मा यार तैयार होण चैं।
पहाड़ों की ठंडी हवा अर दोस्तों की बात,
दोनों बना देंद जिंदगी की शाम खास।
सच्चो दोस्त पहाड़ जैसा होंद,
हर तूफान मा मजबूती तैं साथ खड़ो होंद।
पैसे तैं बड़ी दौलत यारी छ,
अपणे दोस्तों की बात ही न्यारी छ।
दोस्त दूर हो सकंद, पर याद नि,
सच्ची दोस्ती मा कभी फरियाद नि।
गौं की चौपाल अर यारों की हंसी,
आज भी दिल मा बसदी वही खुशी।
दोस्ती हो तो पहाड़ी जैसी साफ हो,
दिल तैं निकले अर जिंदगी भर साथ हो।
अपणु यार मिल जावे तो दिन बन जांद,
दुख कितनो भी हो, पल मा दूर हो जांद।
पहाड़ी दोस्ती मा एक अलग बात छ,
कम शब्द होंद, पर दिल का पूरा साथ छ।
जिंदगी जहां भी ले जाली हमें यार,
अपणी दोस्ती रौली हमेशा बरकरार।
Conclusion
उत्तराखंड की शायरी मा पहाड़ों की खुशबू, अपणु गौं का प्यार, दोस्ती, मोहब्बत अर जज्बात सब एक साथ मिलंद। उम्मीद छ कि ये Uttarakhandi Shayari आपको पसंद आई होंगी अर अपणे पहाड़ों की याद जरूर दिलाई होगी। चाहे Love Shayari हो, Attitude, Sad Shayari या Pahadi Quotes, इन शब्दों मा उत्तराखंड की संस्कृति अर दिल की सच्ची भावना बसदी छ।
FAQs
उत्तराखंडी शायरी क्या होती है?
उत्तराखंडी शायरी उत्तराखंड की पहाड़ी संस्कृति, प्यार, भावनाओं, प्रकृति, दोस्ती और जीवनशैली से जुड़ी शायरी होती है। इसमें गढ़वाली और कुमाऊँनी भावनाओं की झलक भी देखने को मिलती है।
सबसे अच्छी उत्तराखंडी शायरी हिंदी में कहाँ मिल सकती है?
इस पेज पर आपको प्यार, एटीट्यूड, दर्द, दोस्ती और पहाड़ी संस्कृति से जुड़ी बेहतरीन उत्तराखंडी शायरी हिंदी में मिल सकती है।
पहाड़ी लव शायरी क्या होती है?
पहाड़ी लव शायरी में पहाड़ों, दूरियों, यादों और प्यार की भावनाओं को रोमांटिक अंदाज़ में व्यक्त किया जाता है।
उत्तराखंडी एटीट्यूड शायरी का इस्तेमाल कहाँ किया जा सकता है?
उत्तराखंडी एटीट्यूड शायरी का इस्तेमाल इंस्टाग्राम कैप्शन, व्हाट्सऐप स्टेटस, फेसबुक पोस्ट और पहाड़ी पहचान व गर्व को दिखाने के लिए किया जा सकता है।
सैड पहाड़ी शायरी कब शेयर की जा सकती है?
सैड पहाड़ी शायरी ब्रेकअप, किसी की याद, दूरी, अकेलेपन या उदासी जैसी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शेयर की जा सकती है।
क्या उत्तराखंडी शायरी इंस्टाग्राम कैप्शन के लिए अच्छी है?
हाँ, छोटी और भावनात्मक उत्तराखंडी शायरी इंस्टाग्राम फोटो, रील्स और पहाड़ी यात्रा से जुड़ी पोस्ट के कैप्शन के लिए अच्छी रहती है।
गढ़वाली और कुमाऊँनी शायरी में क्या अंतर है?
गढ़वाली शायरी गढ़वाल क्षेत्र की भाषा, संस्कृति और भावनाओं से जुड़ी होती है, जबकि कुमाऊँनी शायरी कुमाऊँ क्षेत्र की बोली, परंपराओं और जीवनशैली को दर्शाती है।
व्हाट्सऐप स्टेटस के लिए पहाड़ी शायरी कैसे चुनें?
व्हाट्सऐप स्टेटस के लिए छोटी, सरल और भावनात्मक पहाड़ी शायरी चुनें, जो आपके मूड और भावनाओं को आसानी से व्यक्त कर सके।
उत्तराखंड पर शायरी किन विषयों पर लिखी जाती है?
उत्तराखंड से जुड़ी शायरी अक्सर पहाड़, गाँव, प्रकृति, मातृभूमि, प्यार, संस्कृति, पलायन और पहाड़ी जीवन जैसे विषयों पर लिखी जाती है।
क्या दोस्ती के लिए भी पहाड़ी शायरी होती है?
हाँ, पहाड़ी शायरी में दोस्ती, यारी और पहाड़ी दोस्तों के मजबूत रिश्ते को व्यक्त करने वाली कई खूबसूरत शायरियाँ होती हैं।
क्या उत्तराखंडी शायरी सोशल मीडिया पर शेयर की जा सकती है?
हाँ, उत्तराखंडी शायरी को व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्टेटस, कैप्शन या पोस्ट के रूप में शेयर किया जा सकता है।
छोटी पहाड़ी शायरी किसके लिए सबसे अच्छी होती है?
छोटी पहाड़ी शायरी इंस्टाग्राम बायो, रील्स कैप्शन, व्हाट्सऐप स्टेटस और फोटो कैप्शन के लिए अच्छी होती है क्योंकि यह कम शब्दों में गहरी भावना व्यक्त कर देती है।
पहाड़ी गर्व वाली शायरी क्या होती है?
पहाड़ी गर्व वाली शायरी उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति, पहाड़ों, परंपराओं और पहाड़ी होने के गर्व को व्यक्त करती है।
उत्तराखंडी शायरी में कौन-कौन सी भावनाएँ शामिल होती हैं?
उत्तराखंडी शायरी में प्यार, रोमांस, एटीट्यूड, दर्द, दोस्ती, यादें, पहाड़ी गर्व और प्रकृति से जुड़ी भावनाएँ शामिल होती हैं।
उत्तराखंडी शायरी का सबसे अच्छा उपयोग क्या है?
उत्तराखंडी शायरी का इस्तेमाल व्हाट्सऐप स्टेटस, इंस्टाग्राम कैप्शन, रील्स, फोटो पोस्ट, रोमांटिक संदेश और पहाड़ी संस्कृति से जुड़ी पोस्ट में किया जा सकता है।